केंद्र के किस फैसले से परेशान हुए तमिलनाडु के CM थलापति विजय? PM मोदी को लिखा खत, बोले- आप…

केंद्र के किस फैसले से परेशान हुए तमिलनाडु के CM थलापति विजय? PM मोदी को लिखा खत, बोले- आप…


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • उन्होंने पीएम से इस फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध किया।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार (26 जून, 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में सीएम विजय ने केंद्र सरकार की तरफ से नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (NLC) में अपने हिस्सेदारी (इक्विटी) के प्रस्तावित विनिवेश (डिसइंवेस्टमेंट) की प्रक्रिया को आगे बढ़ने के फैसले का विरोध किया है. इसके साथ ही, उन्होंने पीएम मोदी से केंद्र सरकार के इस फैसले पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया है.

पीएम मोदी को लिखे पत्र में क्या बोले सीएम विजय?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा, ‘मैं भारत सरकार की तरफ से नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (NLC) में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश को आगे बढ़ाने के फैसले पर तमिलनाडु सरकार की गहरी चिंता व्यक्त करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं, जिसमें अधिसूचना के मुताबिक पेड-अप इक्विटी का अधिकतम 3 प्रतिशत हिस्सा ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचा जाना प्रस्तावित है, इसमें 2 प्रतिशत का बेस ऑफर और अतिरिक्त एक प्रतिशत का ग्रीन-शू ऑप्शन शामिल है.’ 

उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु सरकार भारत सरकार की तरफ से NLC इंडिया लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी को और कम करने का कड़ा विरोध करती है. यह मुद्दा तमिलनाडु के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि NLC इंडिया लिमिटेड अपनी स्थापना, विकास और नियमित संचालन के जरिए हमारे राज्य से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है.’ 

ये सिर्फ एक लिस्टेड कंपनी नहीं, रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति है- विजय 

CM जोसेफ विजय ने कहा, ‘तमिलनाडु सरकार का मत है कि एनएलसी इंडिया लिमिटेड सिर्फ एक लिस्टेड कंपनी नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा सुरक्षा, मिनरल विकास और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी एक रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति (एसेट) है. भारत सरकार की हिस्सेदारी में किसी भी तरह की कमी ऐसे रणनीतिक महत्व वाले सार्वजनिक इंटरप्राइज में सरकारी स्वामित्व के संबंध में एक अवांछनीय मिसाल कायम करेगी.’

उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार की तरफ से उठाए जा रहे इस कदम से चिंताएं न सिर्फ वित्तीय पहलुओं तक सीमित है, बल्कि यह राज्य, उसके नागरिकों और देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के हितों से भी जुडा हुआ विषय है.’ उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूरी यकीन है कि भारत सरकार तमिलनाडु सरकार की तरफ से उठाई गई इन चिंताओं पर गंभीरता से विचार करेगी. 

यह भी पढ़ेंः कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला, निजी फोटो-वीडियो लीक करने पर FIR दर्ज करना अब अनिवार्य





Source link