घर की बालकनी में उगाएं टमाटर, बाजार से नहीं खरीदने पड़ेंगे

घर की बालकनी में उगाएं टमाटर, बाजार से नहीं खरीदने पड़ेंगे


Gowing Tomato In Balcony: सब्जियों का टेस्ट बढ़ाने के लिए कुछ चीजों का रोल काफी अहम होता है. टमाटर उनमें से एक है. हर घर की रसोई में टमाटर मौजूद होता है. सब्जी में तड़का लगाना हो, सलाद बनाना हो या फिर बढ़िया सी चटनी तैयार करनी हो टमाटर तो चाहिए ही. लेकिन कई बार बाजार में टमाटर के दाम आसमान छूने लगते हैं. वह टमाटर केमिकल्स और दवाइयों से पके हुए भी होते हैं. ऐसे में और परेशानी होती है. लेकिन वहीं अगर आपको अपनी ही बालकनी से एकदम ताजे, रसीले और ऑर्गेनिक टमाटर मिल जाएं तो क्या ही कहने. 

कई लोगों को लगता है कि टमाटर उगाने के लिए बड़े गार्डन की जरूरत होती है. लेकिन ऐसा नहीं ह  आप अपनी छोटी सी बालकनी में भी गमलों के अंदर आसानी से ढेर सारे टमाटर उगा सकते हैं. इसके लिए बस थोड़ी सी सही जानकारी और देखभाल की जरूरत होती है. चलिए आपको बताते हैं कि आप अपने घर पर ही बालकनी में टमाटर गार्डनिंग के करके कैसे टमाटर का शानदार पौधा तैयार कर सकते हैं.

ऐसे लगाएं टमाटर के पौधे

बालकनी में टमाटर उगाने के लिए सबसे पहले सही गमला जरूरी है. इसके बाद बढ़िया क्वालिटी का पॉटिंग मिक्स चाहिए होता है. टमाटर के पौधे की जड़ें अच्छी तरह फैलती हैं. इसलिए कम से कम 12 से 15 इंच गहरा और चौड़ा गमला ही लेकर आएं. गमले के नीचे की ओर पानी निकलने के लिए ड्रेनेज होल होना बहुत जरूरी हैय जिससे फालतू पानी आसानी से बाहर निकल सके. 

मिट्टी तैयार करते समय सामान्य बागीचे की मिट्टी में 30% वर्मीकंपोस्ट या पुरानी गोबर की खाद और थोड़ा सा कोकोपीट जरूर मिलाएं. कोकोपीट मिट्टी में नमी बनाए रखता है और खाद पौधे को जरूरी पोषण देती है. अगर आप चाहें तो किचन वेस्ट से बनी जैविक खाद भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ध्यान रखें कि गमले की मिट्टी हल्की और भुरभुरी होनी चाहिए. जिससे जड़ों की ग्रोथ तेजी से हो सके. 

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टमाटर के पौधे की देखभाल के 3 नियम

गमला तैयार करने के बाद बीजों या नर्सरी से लाए गए छोटे पौधों को रोपे और उनकी सही देखभाल करें. पहली सबसे जरूरी बात है धूप. टमाटर के पौधे को फलने-फूलने के लिए रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप मिलना बेहद जरूरी है. इसलिए गमले को बालकनी के उसी कोने में रखें जहां सबसे ज्यादा धूप आती हो. दूसरी बात है पानी देने का तरीका. मिट्टी में हमेशा हल्की नमी बनी रहनी चाहिए. 

लेकिन गमले में पानी रुकना नहीं चाहिए. ओवर-वाटरिंग से जड़ें सड़ सकती हैं और पत्तियां पीली पड़ सकती हैं. जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए तो लकड़ी या डंडे का सहारा जरूर दें, क्योंकि टमाटर के गुच्छों का वजन बढ़ने पर पौधा झुककर टूट सकता है. पौधे की समय-समय पर छंटाई करें और नीचे की सूखी पत्तियों को हटाते रहें.

घर की बालकनी में उगाएं टमाटर, बाजार से नहीं खरीदने पड़ेंगे

प्राकृतिक खाद और कीटों से बचाव

पौधे में जब फूल आने लगें तो उसे एक्सट्रा पोषण की जरूरत होती है. इसके लिए हर 15-20 दिन में गमले में थोड़ी सी सरसों की खली का पानी, केले के छिलके की खाद या वर्मीकंपोस्ट डालते रहें. इससे फूलों का झड़ना कम होता है और टमाटर का साइज बड़ा होता है. कभी-कभी बालकनी में हवा का बहाव कम होने से परागण यानी पोलिनेशन ठीक से नहीं हो पाता.

 इसके लिए आप सुबह के समय पौधे की शाखाओं को धीरे से हिला सकते हैं. कीटों और कीड़ों से बचाव के लिए बाजार के केमिकल पेस्टिसाइड्स की जगह घर में बने नीम के तेल के स्प्रे या साबुन के घोल का छिड़काव करें. यह पूरी तरह से सेफ है और पौधे को नुकसान भी नहीं पहुंचाता. लगभग 60 से 80 दिनों के भीतर आपकी बालकनी लाल-लाल रसीले टमाटरों से भर जाएगी. जिसे तोड़कर आप अपनी रसोई में इस्तेमाल कर सकते हैं.

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