जिन्हें आप खरीदते हो वो चीजें किसानों को मुफ्त देती है सरकार, यहां देखें सरकारी सहायता की पूरी

जिन्हें आप खरीदते हो वो चीजें किसानों को मुफ्त देती है सरकार, यहां देखें सरकारी सहायता की पूरी


Farming News: खेती-किसानी में लागत लगातार बढ़ती जा रही है. जिससे किसानों की जेब पर सीधा असर पड़ता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिन जरूरी चीजों को खरीदने के लिए आप मार्केट में हजारों रुपये खर्च करते हैं. उनमें से कई चीजें सरकार किसानों को बिल्कुल मुफ्त या भारी सब्सिडी पर दे रही है. केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर किसानों का खर्च कम करने के लिए बीज, खाद, सिंचाई के साधन.

इसके अलावा कई बड़े कृषि यंत्रों पर भी सरकारी सहायता दे रही हैं. जागरूकता की कमी के चलते बहुत से किसान इन स्कीमों का पूरा फायदा नहीं उठा पाते और बाजार से महंगे दामों पर सामान खरीदते हैं. अगर आप भी एक किसान हैं तो सरकार की इस पूरी सहायता लिस्ट को अच्छे से समझ लें जिससे खेती में आपकी लागत कम हो सके और आपकी बचत बढ़ सके.

बीज से लेकर खाद तक पर मिलती है बड़ी छूट

फसल की बुवाई के समय सबसे पहला और बड़ा खर्च बीज और खाद का होता है. सरकार किसानों को अच्छी क्वालिटी के प्रमाणित बीज बिल्कुल मुफ्त या फिर 50 से 80 फीसदी तक की भारी छूट पर उपलब्ध कराती है. कई राज्यों में दलहन और तिलहन जैसी फसलों के बीज तो मिनीकिट के रूप में सीधे मुफ्त बांटे जाते हैं. इसके साथ ही खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए सॉयल हेल्थ कार्ड स्कीम के तहत मिट्टी की जांच बिल्कुल मुफ्त की जाती है.

जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कंपोस्ट खाद बनाने की यूनिट लगाने और हरी खाद के लिए भी सरकार पूरा पैसा खुद देती है. इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर किसान हर सीजन में बीज और खाद पर होने वाले अपने हजारों रुपये सीधे बचा सकते हैं.

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सिंचाई और महंगी मशीनों के लिए सरकारी सपोर्ट

फसलों को सही समय पर पानी देने और खेती करने के लिए महंगे उपकरणों की जरूरत होती है. इस खर्च को कम करने के लिए सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने के लिए छोटे और सीमांत किसानों को 80 से 90% तक की सब्सिडी देती है. जिससे यह लगभग मुफ्त जैसा हो जाता है. कई राज्यों में तो खेत में तालाब या डिग्गी बनाने के लिए पूरा पैसा सरकार देती है. 

यही नहीं ट्रैक्टर, रोटावेटर और कल्टीवेटर जैसे महंगे कृषि यंत्र खरीदने के लिए सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के तहत तगड़ी आर्थिक मदद दी जाती है. इसके अलावा सोलर पंप लगाने के लिए कुसुम योजना के तहत भी भारी छूट मिलती है. जिससे बिजली या डीजल का बिल हमेशा के लिए खत्म हो जाता है.

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