जिस ईरान से किया युद्ध, उसको 20 बिलियन डॉलर देंगे ट्रंप? न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग के आगे झुका अमे

जिस ईरान से किया युद्ध, उसको 20 बिलियन डॉलर देंगे ट्रंप? न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग के आगे झुका अमे


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  • अमेरिका-ईरान के बीच सीज संपत्ति छोड़ने पर हो रही बात
  • ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम भंडार पर हो रही चर्चा
  • इस्लामाबाद में हो सकता है अगला दौर, पाकिस्तान मध्यस्थ
  • ईरान यूरेनियम को देश में रखकर शुद्धता कम करेगा

US Iran Talks: मिडिल ईस्ट हालात पर अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर बातचीत जारी है. एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देश तीन पन्नों के एक प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं. जिसका मकसद मौजूदा संघर्ष को खत्म करना है.

इस डील के तहत अमेरिका करीब 20 अरब डॉलर की सीज की हुई ईरानी संपत्तियों को छोड़ने पर विचार कर सकता है. इसके बदले ईरान को अपने एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को छोड़ना होगा. दोनों देशों के बीच बातचीत जरूर आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी भी कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई है.

क्या कहती है रिपोर्ट?

Axios की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों और अन्य सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत का अगला दौर इस्लामाबाद में हो सकता है. इसमें पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है. साथ ही मिस्र और तुर्की भी इस प्रक्रिया में भागीदारी ले सकते हैं.

ईरान के पास एनरिच्ड यूरेनियम 

रिपोर्ट के अनुसार ईरान के पास मौजूद करीब 2,000 किलो एनरिच्ड यूरेनियम है. जिसमें एक बड़ा हिस्सा 60 फीसदी तक शुद्धता वाला है. यह लेवल हथियार बनाने के बेहद करीब माना जाता है. ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच इस बातचीत को बेहद अहम माना जा रहा है. 

यूरेनियम को लेकर क्या है विवाद?

यूरेनियम मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद बना हुआ है. अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु सामग्री देश से बाहर भेज दे. हालांकि, ईरान इसके लिए तैयार नहीं है. ईरान का कहना है कि वह यूरेनियम को अपने ही देश में रखेगा. रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अंतरराष्ट्रीय निगरानी में यूरेनियम की शुद्धता कम करने की बात कह रहा है. 

रिपोर्ट्स के मुताबिक बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है. इस समझौते के तहत यूरेनियम का कुछ हिस्सा किसी तीसरे देश को भेजा जा सकता है. बाकी हिस्सा ईरान के पास ही रहेगा.

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