जीरा उन मसालों में से एक है, जिसे कम पानी में भी आसानी से उगाया जा सकता है. असल में जीरे की खेती राजस्थान और गुजरात जैसे सूखे और गर्म इलाकों में बड़े पैमाने पर होती है, जहां पानी की उपलब्धता वैसे भी कम रहती है. इसका मतलब है कि जीरे का पौधा शुरू से ही कम पानी में जीने का आदी होता है. इसे ज्यादा नमी वाली मिट्टी पसंद नहीं आती, बल्कि हल्की सूखी और रेतीली मिट्टी में यह बेहतर तरीके से बढ़ता है. अगर आप इसे गमले में लगा रहे हैं, तो हफ्ते में दो से तीन बार हल्का पानी देना ही काफी होता है.

धनिया एक ऐसा मसाला है, जिसकी पत्तियां और बीज दोनों ही रसोई में इस्तेमाल होते हैं. लेकिन जीरे के मुकाबले धनिये के पौधे को थोड़ा ज्यादा पानी चाहिए होता है, खासकर जब बीज से पौधा उगना शुरू हो रहा हो. शुरुआती दिनों में मिट्टी को हल्का नम बनाए रखना जरूरी होता है, वरना बीज ठीक से अंकुरित नहीं हो पाते. एक बार पौधा बड़ा हो जाए, तो इसे भी बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं रहती, लेकिन फिर भी इसे जीरे जितना कम पानी में नहीं उगाया जा सकता. धनिये के पौधे को हल्की धूप और नियमित हल्की सिंचाई पसंद आती है.

सौंफ का पौधा जीरे और धनिये के बीच की स्थिति में आता है. इसे न तो बहुत ज्यादा पानी चाहिए और न ही बहुत कम. शुरुआत में जब सौंफ के बीज बोए जाते हैं, तब मिट्टी को हल्का नम रखना जरूरी होता है, ताकि अंकुरण अच्छी तरह हो सके. एक बार पौधा जड़ पकड़ लेता है, तो यह कुछ हद तक सूखे को भी सहन कर सकता है. हालांकि गर्मियों के मौसम में इसे थोड़ी नियमित सिंचाई की जरूरत जरूर पड़ती है, वरना पौधा कमजोर पड़ सकता है और उसकी बढ़वार रुक सकती है.

अगर तीनों मसालों की तुलना की जाए, तो जीरा सबसे ज्यादा सूखा सहने वाला और कम पानी में उगने वाला मसाला है. इसके बाद सौंफ का नंबर आता है, जो मध्यम मात्रा में पानी लेकर भी अच्छे से बढ़ सकती है. वहीं धनिये को इन तीनों में सबसे ज्यादा नियमित पानी और नमी की जरूरत होती है, खासकर जब पौधा छोटा हो. यानी अगर आप ऐसी जगह पर रहते हैं जहां पानी की कमी रहती है या आप रोजाना पौधों को समय नहीं दे पाते, तो जीरा उगाना आपके लिए सबसे आसान और बेहतर विकल्प हो सकता है.

कम पानी में मसाले उगाने के लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं. सबसे पहले गमले में ऐसी मिट्टी का इस्तेमाल करें, जिसमें पानी ज्यादा देर तक जमा न रहे, इसके लिए मिट्टी में थोड़ी रेत मिलाना फायदेमंद रहता है. गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर होना चाहिए, ताकि जड़ें सड़ने से बचें. पौधों को हमेशा सुबह या शाम के समय पानी दें, जब धूप तेज न हो, इससे पानी जल्दी सूखता नहीं है और पौधे को पूरा फायदा मिलता है. अगर आप किचन गार्डन में मसाले उगाने की सोच रहे हैं और पानी की बचत भी करना चाहते हैं, तो जीरा सबसे अच्छा और आसान विकल्प है. सौंफ भी एक बेहतर विकल्प है, जिसे मध्यम देखभाल की जरूरत होती है. वहीं धनिया थोड़ा ज्यादा ध्यान मांगता है.
Published at : 22 Aug 2026 09:27 PM (IST)






