Kolkata Godown Collapse: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम का शेड ताश के पत्तों की तरह ढह गया. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 31 से अधिक लोग घायल हुए हैं. सभी घायलों को एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है.
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा बुधवार दोपहर करीब 12:07 बजे तारातला के ब्रेस ब्रिज इलाके के पास स्थित एक निर्माणाधीन गोदाम में हुआ. अचानक कंक्रीट और लोहे की छत का हिस्सा भरभराकर गिर गया और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोदाम की छत तीन परतों में गिरी, जिससे नीचे काम कर रहे मजदूर पूरी तरह मलबे में दब गए. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
मौत का आंकड़ा बढ़कर 8 पहुंचा
शुरुआत में तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई थी. इसके बाद मलबे से लगातार शव निकाले गए और मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई. सभी मृतकों को एसएसकेएम अस्पताल में मृत घोषित किया गया. अब तक 31 लोग घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाए गए हैं. इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है.
12 से 15 मजदूरों के फंसे होने की थी आशंका
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद 12 से 15 मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई थी. सेना ने फंसे हुए लोगों से संपर्क स्थापित करने की भी कोशिश की थी. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 21 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया था, जिनमें 18 जीवित और 3 मृत मिले थे. बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई.
सेना, NDRF और SDRF ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद भारतीय सेना, NDRF, SDRF, कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग और कोलकाता नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं. मलबे में फंसे लोगों को खोजने के लिए स्निफर डॉग्स की भी मदद ली गई. भारी क्रेन और आधुनिक उपकरणों की सहायता से घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया.
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किया दौरा
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पहले घटनास्थल पहुंचे और बाद में एसएसकेएम अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल लिया. उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और पूरा प्रशासन बचाव कार्य में जुटा हुआ है. उन्होंने सेना, NDRF, SDRF, पुलिस और दमकल विभाग का आभार व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा सत्र चल रहा है, इसलिए मुआवजे को लेकर वह विधानसभा में स्पीकर की अनुमति से विस्तृत जानकारी देंगे.
प्रारंभिक जांच में प्लान को लेकर सवाल
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना का प्लान 17 जनवरी 2026 को स्वीकृत किया गया था. जमीन का मालिकाना हक SMPA के पास है और जमीन शंभूनाथ बेहरा एवं उनके सहयोगियों के नाम लीज पर है. उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार परियोजना के लिए गलत प्लान को मंजूरी दिए जाने की आशंका सामने आई है.
तीन गिरफ्तार, SIT का गठन
कोलकाता पुलिस ने घटना के बाद स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने साइट सुपरवाइजर सैयद मोहम्मद गुलजार और दो श्रम आपूर्तिकर्ताओं मोहम्मद अताउल तथा सुभाष चौधरी को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा चार अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. SIT का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त जॉयसूर्य मुखर्जी करेंगे. टीम में इंस्पेक्टर देबाशीष दत्ता, इंस्पेक्टर हीरक दलापति, इंस्पेक्टर सरफराज अहमद, सब-इंस्पेक्टर मानस भट्टाचार्य और सब-इंस्पेक्टर कुशल मंडल शामिल हैं.
आपदा प्रबंधन के लिए हेल्पलाइन जारी
नबन्ना स्थित आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष ने लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. 1070, 8697981070, 033-22143526, 033-22535185.
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प्रधानमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि ब्रेस ब्रिज के पास निर्माणाधीन गोदाम गिरने की घटना बेहद दुखद है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की.






