तुलसी में रोज पानी डालना सही है? मौसम के हिसाब से जानें सही तरीका

तुलसी में रोज पानी डालना सही है? मौसम के हिसाब से जानें सही तरीका


अक्सर लोग सोचते हैं कि जितना पानी देंगे पौधा उतना ही हरा-भरा रहेगा. जबकि हकीकत में ऐसा नहीं होता है. तुलसी एक नाजुक पौधा है और इसकी जड़ों को सांस लेने के लिए हल्की हवा की जरूरत होती है. जब गमले की मिट्टी लगातार गीली रहती है तो जड़ें अंदर ही अंदर सड़ने लगती हैं और पत्तियां झड़ने लगती हैं.

अगर आप गर्मियों की बात करें तो तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते गमले की मिट्टी बहुत जल्दी सूख जाती है. ऐसे मौसम में तुलसी को रोज पानी की जरूरत पड़ती है. सुबह के वक्त या शाम को सूरज ढलने के बाद ही पानी दें. दोपहर की तेज धूप में भूलकर भी पानी न डालें वर्ना पौधे को झटका लग सकता है.

अगर आप गर्मियों की बात करें तो तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते गमले की मिट्टी बहुत जल्दी सूख जाती है. ऐसे मौसम में तुलसी को रोज पानी की जरूरत पड़ती है. सुबह के वक्त या शाम को सूरज ढलने के बाद ही पानी दें. दोपहर की तेज धूप में भूलकर भी पानी न डालें वर्ना पौधे को झटका लग सकता है.

सर्दियों के मौसम में तुलसी की देखभाल का नियम पूरी तरह बदल जाता है. ठंड के दिनों में धूप कम निकलती है और मिट्टी में नमी कई दिनों तक बनी रहती है. ऐसे में रोज पानी डालने से पौधे पर फंगस लग सकती है. सर्दियों में हफ्ते में केवल दो या तीन बार ही हल्का पानी देना पौधे के लिए काफी होता है.

सर्दियों के मौसम में तुलसी की देखभाल का नियम पूरी तरह बदल जाता है. ठंड के दिनों में धूप कम निकलती है और मिट्टी में नमी कई दिनों तक बनी रहती है. ऐसे में रोज पानी डालने से पौधे पर फंगस लग सकती है. सर्दियों में हफ्ते में केवल दो या तीन बार ही हल्का पानी देना पौधे के लिए काफी होता है.

बारिश के दिनों में तो तुलसी को सबसे ज्यादा संभालकर रखने की जरूरत होती है. जब हवा में नमी हो और रोज बारिश हो रही हो तो गमले में अलग से पानी बिल्कुल न डालें. इस मौसम में यह जरूर चेक करें कि गमले के नीचे का छेद खुला है या नहीं जिससे जमा हुआ फालतू पानी आसानी से बाहर निकल सके.

बारिश के दिनों में तो तुलसी को सबसे ज्यादा संभालकर रखने की जरूरत होती है. जब हवा में नमी हो और रोज बारिश हो रही हो तो गमले में अलग से पानी बिल्कुल न डालें. इस मौसम में यह जरूर चेक करें कि गमले के नीचे का छेद खुला है या नहीं जिससे जमा हुआ फालतू पानी आसानी से बाहर निकल सके.

तुलसी में पानी देने का सबसे आसान और देसी फॉर्मूला है उंगली से मिट्टी चेक करना. जब भी पानी डालने जाएं अपनी उंगली को गमले की ऊपरी मिट्टी में एक इंच अंदर दबाकर देखें. अगर मिट्टी सूखी लगे तभी पानी डालें. अगर मिट्टी पहले से गीली या चिपचिपी महसूस हो रही हो तो उस दिन पानी डालने से बिल्कुल बचें.

तुलसी में पानी देने का सबसे आसान और देसी फॉर्मूला है उंगली से मिट्टी चेक करना. जब भी पानी डालने जाएं अपनी उंगली को गमले की ऊपरी मिट्टी में एक इंच अंदर दबाकर देखें. अगर मिट्टी सूखी लगे तभी पानी डालें. अगर मिट्टी पहले से गीली या चिपचिपी महसूस हो रही हो तो उस दिन पानी डालने से बिल्कुल बचें.

पौधे में हमेशा उतना ही पानी डालें जितनी मिट्टी सोख सके. गमले को पानी से लबालब भरने की गलती कभी न करें. इसके अलावा हफ्ते में एक बार किसी खुरपी की मदद से गमले की ऊपरी मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर करें. गुड़ाई करने से जड़ों तक ताजी हवा पहुंचती है और फंगस का खतरा टल जाता है.

पौधे में हमेशा उतना ही पानी डालें जितनी मिट्टी सोख सके. गमले को पानी से लबालब भरने की गलती कभी न करें. इसके अलावा हफ्ते में एक बार किसी खुरपी की मदद से गमले की ऊपरी मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर करें. गुड़ाई करने से जड़ों तक ताजी हवा पहुंचती है और फंगस का खतरा टल जाता है.

पानी के सही नियम के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि तुलसी के पौधे को दिन में कम से कम चार से पांच घंटे की अच्छी धूप मिले. अगर पौधे पर मंजरी यानी बीज आने लगें तो उन्हें तुरंत तोड़कर हटा दें. मंजरी लगे रहने से पौधे की सारी ताकत बीज बनाने में चली जाती है और नई पत्तियां आना रुक जाती हैं.

पानी के सही नियम के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि तुलसी के पौधे को दिन में कम से कम चार से पांच घंटे की अच्छी धूप मिले. अगर पौधे पर मंजरी यानी बीज आने लगें तो उन्हें तुरंत तोड़कर हटा दें. मंजरी लगे रहने से पौधे की सारी ताकत बीज बनाने में चली जाती है और नई पत्तियां आना रुक जाती हैं.

तुलसी को हमेशा हरा-भरा रखने का राज पानी की मात्रा में नहीं बल्कि मौसम के हिसाब से सही देखभाल में छुपा है. रोज बिना सोचे-समझे लोटा भरकर पानी डालने के बजाय मिट्टी की जरूरत को समझें. जब आप पौधे की जरूरत के मुताबिक पानी देंगे तो आपकी तुलसी सालों-साल हरी-भरी और घनी बनी रहेगी.

तुलसी को हमेशा हरा-भरा रखने का राज पानी की मात्रा में नहीं बल्कि मौसम के हिसाब से सही देखभाल में छुपा है. रोज बिना सोचे-समझे लोटा भरकर पानी डालने के बजाय मिट्टी की जरूरत को समझें. जब आप पौधे की जरूरत के मुताबिक पानी देंगे तो आपकी तुलसी सालों-साल हरी-भरी और घनी बनी रहेगी.

Published at : 23 Aug 2026 02:03 PM (IST)

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