पंचकूला नगर निगम के 145 करोड़ के घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, कोटेक महिंद्रा बैंक 12 ठिकानों पर

पंचकूला नगर निगम के 145 करोड़ के घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, कोटेक महिंद्रा बैंक 12 ठिकानों पर


Panchkula Municipal Corporation Scam: हरियाणा के पंचकूला नगर निगम के करीब 145 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ा एक्शन लिया है. ED की चंडीगढ़ जोनल ऑफिस टीम ने 22 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़, पंचकूला, जीरकपुर, डेराबस्सी और राजपुरा पटियाला में कुल 12 ठिकानों पर छापेमारी की. ED की ये कार्रवाई Kotak Mahindra Bank और नगर निगम पंचकूला से जुड़े कथित फ्रॉड केस में की गई. छापेमारी के दौरान टीम ने कई सेल-पर्चेज एग्रीमेंट, अहम दस्तावेज और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जब्त किए है.

इस मामले की जांच ED ने ACB पंचकूला द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी. FIR में आरोप लगाया गया था कि कोटेक महिंद्रा बैंक के कुछ अधिकारियों ने गहरी साजिश के तहत नगर निगम पंचकूला के 145 करोड़ रुपये का गबन किया.  जांच में अब तक जो सामने आया है, उसके मुताबिक नगर निगम के कुछ अधिकारी, बैंक कर्मचारी और निजी लोग मिलकर सरकारी पैसे को हड़पने की साजिश में शामिल थे.

ED जांच को लेकर क्या जानकारी दी?

ED के मुताबिक, जांच में पता चला कि दिलीप कुमार राघव (कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर) और पुष्पिंदर सिंह (डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट) ने विकास कौशिक (पूर्व सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर, नगर निगम पंचकूला) के साथ मिलकर फर्जी अथॉराइजेशन लेटर के जरिए नगर निगम के नाम पर दो बैंक खाते खुलवाए. इसके बाद नगर निगम के असली खातों में मौजूद पैसा इन फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिया गया… इसके लिए नकली फंड माइग्रेशन लेटर और फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया गया.

ED का कहना है कि नगर निगम पंचकूला के रिकॉर्ड में इन ट्रांजेक्शन की कोई जानकारी नहीं थी. यानी असली खाते से पैसा निकलता रहा और निगम अधिकारियों को पता तक नहीं चला. इतना ही नहीं, नगर निगम को 16 फर्जी एफडीआर (Fixed Deposit Receipt) भी दिए गए, जिनमें करीब 145.03 करोड़ रुपये निवेश दिखाया गया था. इनकी मैच्योरिटी वैल्यू करीब 158.02 करोड़ रुपये बताई गई थी.

जांच एजेंसी ने क्या जानकारी दी? 

जांच एजेंसी के मुताबिक ये रकम आगे कई लोगों और फर्मों तक पहुंचाई गई. इसमें रजत Dahra, स्वाति तोमर, कपिल कुमार और विनोद कुमार जैसे नाम शामिल है. कुछ रकम वापस पुष्पिंदर सिंह और उनकी पत्नी प्रीति ठाकुर तक पहुंचने का भी दावा किया गया है. इसके अलावा पैसा रियल एस्टेट कंपनियों और निजी लोगों तक भी ट्रांसफर किया गया.

ED ने जिन लोगों और संस्थानों से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली, उनमें पुष्पिंदर सिंह, रजत दहरा, दिलीप कुमार राघव, विकास कौशिक, सनत रियल्टर्स, सनी गर्ग और कपिल कुमार के ठिकाने शामिल है. ED ने कहा है कि इस मामले में अभी जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते है.

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