भारत सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों यानी सीएपीएफ्स और असम राइफल्स यानी एआर में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन पदों के लिए एक नई ‘पूर्व-अग्निवीर’ भर्ती श्रेणी बनाई है. सरकार की तरफ से यह जानकारी मानसून सत्र के दौरान दी गई है. सरकार से इससे जुड़ा सवाल पूछा गया था. यह सारी जानकारी गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में पिछले हफ्ते दी थी.
किस तरह के बदलाव भरे प्रावधान सरकार की तरफ से किए गए हैं?
जानकारी के मुताबिक, सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स (CAPFs और AR) में क्रमानुसार जो कैटेगरी तैयार की है, उसके लिए सरकार की तरफ से जरूरी प्रावधान किए गए हैं. इन प्रावधानों के तहत 50 प्रतिशत रिजर्वेशन रखा गया है. साथ ही निर्धारित ऊपरी आयु सीमा में 3 साल की छूट रखी गई है.
इसके अलावा पूर्व अग्निवीरों के पहले बैच के उम्मीदवारों को निर्धारित ऊपरी आयु सीमा से 5 साल अतिरिक्त आयु में छूट देने का प्रावधान रखा गया है. इनके अलावा शारीरिक मानक परीक्षण (PST), शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) और लिखित परीक्षा से छूट दी गई है.
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क्या है अग्निवीर ?
अग्निवीर भारत सरकार की अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना (थल, वायु और नौसेना) में चार साल के लिए भर्ती होने वाले युवा सैनिक हैं. यह चार साल की सर्विस है. इसमें मासिक वेतन 30 हजार है. वहीं चार साल बाद लगभग 11.7 लाख का कर मुक्त सेवानीधि पैकेज भी शामिल है. इस सेवा को पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में 50 प्रतिशत रिजर्वेशन का प्रावधान भी रखा गया है.
अग्निवीर बनने के लिए कैंडिडेट को निर्धारित चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. इस प्रक्रिया के तहत लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट और मेडिकल जांच शामिल होती है. चयन प्रक्रिया का उद्देश्य योग्य, फिट और सक्षम उम्मीदवारों का चयन करना है.
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