बकरी पालन में कौन-सी नस्ल सबसे अच्छी, जानें कितना देती है दूध?

बकरी पालन में कौन-सी नस्ल सबसे अच्छी, जानें कितना देती है दूध?


जब बात सबसे बेहतरीन और भारी-भरकम बकरी की आती है. तो जमुनापारी का नाम सबसे ऊपर रहता है. यह नस्ल उत्तर प्रदेश के इटावा इलाके की शान है. लंबे कान और तोते जैसी घुमावदार नाक वाली यह बकरी रोजाना लगभग 2 से 3 लीटर तक गाढ़ा दूध बहुत ही आराम से दे देती है.

दूध और बच्चे देने के मामले में बरबरी नस्ल छोटे किसानों की पहली पसंद मानी जाती है. दिखने में यह हिरण जैसी खूबसूरत और फुर्तीली होती है. यह बकरी घर के छोटे से बाड़े में भी पल जाती है और रोजाना 1 से 1.5 लीटर दूध देने के साथ साल में दो बार बच्चे देती है.

दूध और बच्चे देने के मामले में बरबरी नस्ल छोटे किसानों की पहली पसंद मानी जाती है. दिखने में यह हिरण जैसी खूबसूरत और फुर्तीली होती है. यह बकरी घर के छोटे से बाड़े में भी पल जाती है और रोजाना 1 से 1.5 लीटर दूध देने के साथ साल में दो बार बच्चे देती है.

पंजाब और हरियाणा के इलाके में बीटल नस्ल को बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है. कद-काठी में यह लगभग जमुनापारी जैसी ही दिखती है. लेकिन यह कम जगह में भी आसानी से ढल जाती है. यह बकरी रोजाना 2 से 3.5 लीटर तक दूध देती है और इसका वजन भी काफी तेजी से बढ़ता है.

पंजाब और हरियाणा के इलाके में बीटल नस्ल को बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है. कद-काठी में यह लगभग जमुनापारी जैसी ही दिखती है. लेकिन यह कम जगह में भी आसानी से ढल जाती है. यह बकरी रोजाना 2 से 3.5 लीटर तक दूध देती है और इसका वजन भी काफी तेजी से बढ़ता है.

अगर आपका फोकस सिर्फ मीट और तेज ग्रोथ पर है. तो ब्लैक बंगाल से बेहतर कोई ऑप्शन नहीं है. पश्चिम बंगाल और बिहार की यह नस्ल बीमारियों से लड़ने में माहिर है. दूध यह भले ही आधा से एक लीटर दे लेकिन एक बार में दो से तीन बच्चे देकर आपको मुनाफा दिला सकती है.

अगर आपका फोकस सिर्फ मीट और तेज ग्रोथ पर है. तो ब्लैक बंगाल से बेहतर कोई ऑप्शन नहीं है. पश्चिम बंगाल और बिहार की यह नस्ल बीमारियों से लड़ने में माहिर है. दूध यह भले ही आधा से एक लीटर दे लेकिन एक बार में दो से तीन बच्चे देकर आपको मुनाफा दिला सकती है.

गुजरात की मशहूर सूरती बकरी शहरी और कम जगह वाले फार्मिंग सेटअप के लिए सबसे बेस्ट मानी जाती है. सफेद रंग की यह शांत स्वभाव वाली बकरी रोजाना 1.5 से 2.5 लीटर तक बेहतरीन दूध देती है. इसका दूध पचाने में आसान और न्यूट्रिशन से भरपूर होता है जिससे मार्केट में अच्छी कीमत मिलती है.

गुजरात की मशहूर सूरती बकरी शहरी और कम जगह वाले फार्मिंग सेटअप के लिए सबसे बेस्ट मानी जाती है. सफेद रंग की यह शांत स्वभाव वाली बकरी रोजाना 1.5 से 2.5 लीटर तक बेहतरीन दूध देती है. इसका दूध पचाने में आसान और न्यूट्रिशन से भरपूर होता है जिससे मार्केट में अच्छी कीमत मिलती है.

राजस्थान के सूखे और गर्म इलाकों के लिए सिरोही नस्ल सबसे मजबूत और टिकाऊ मानी जाती है. भूरे रंग के धब्बों वाली यह बकरी खराब मौसम और कम चारे में भी बिल्कुल मस्त रहती है. यह रोजाना 1 से 1.5 लीटर दूध देती है और इसका वजन बहुत ही कम समय में तेजी से बढ़ जाता है.

राजस्थान के सूखे और गर्म इलाकों के लिए सिरोही नस्ल सबसे मजबूत और टिकाऊ मानी जाती है. भूरे रंग के धब्बों वाली यह बकरी खराब मौसम और कम चारे में भी बिल्कुल मस्त रहती है. यह रोजाना 1 से 1.5 लीटर दूध देती है और इसका वजन बहुत ही कम समय में तेजी से बढ़ जाता है.

महाराष्ट्र की उस्मानाबादी नस्ल अपनी जबरदस्त इम्यूनिटी और कम देखरेख के लिए पूरे देश में पहचानी जाती है. किसी भी तरह के मौसम में खुद को ढाल लेना इसकी सबसे बड़ी खूबी है. यह रोजाना 1 से 1.5 लीटर दूध देती है और साल में अमूमन दो बार जुड़वां बच्चे देकर बंपर मुनाफा कराती है.

महाराष्ट्र की उस्मानाबादी नस्ल अपनी जबरदस्त इम्यूनिटी और कम देखरेख के लिए पूरे देश में पहचानी जाती है. किसी भी तरह के मौसम में खुद को ढाल लेना इसकी सबसे बड़ी खूबी है. यह रोजाना 1 से 1.5 लीटर दूध देती है और साल में अमूमन दो बार जुड़वां बच्चे देकर बंपर मुनाफा कराती है.

अगर आप सही प्लानिंग, साफ-सफाई और पौष्टिक चारे के साथ इनमें से किसी भी टॉप नस्ल का चुनाव करते हैं. तो बकरी पालन से हर महीने तगड़ी कमाई पक्की है. शुरुआत हमेशा 5 से 10 बकरियों से करें और फिर धीरे-धीरे अपने इस डेयरी बिजनेस को और बड़ा करते जाएं.

अगर आप सही प्लानिंग, साफ-सफाई और पौष्टिक चारे के साथ इनमें से किसी भी टॉप नस्ल का चुनाव करते हैं. तो बकरी पालन से हर महीने तगड़ी कमाई पक्की है. शुरुआत हमेशा 5 से 10 बकरियों से करें और फिर धीरे-धीरे अपने इस डेयरी बिजनेस को और बड़ा करते जाएं.

Published at : 14 Aug 2026 01:46 PM (IST)

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