बिना मिट्टी खेती करके कमाएं, जानें पूरा तरीका

बिना मिट्टी खेती करके कमाएं, जानें पूरा तरीका



<p style="text-align: justify;"><strong>Hydroponics Farming Technology: </strong>खेती का तरीका अब धीमे-धीमे बदल रहा है पहले जहां किसानों के लिए खेत में फसल को सही से उगाने के लिए सही मिट्टी और सही सिंचाई की जरूरत होती है. कई बार जमीन में उर्वरकता कम होने की वजह से और पानी की सही व्यवस्था न होने के चलते फसल का उत्पादन प्रभावित हो जाता है. लेकिन क्या हो अब खेती के लिए आपको मिट्टी की जरूरत ही न पड़े. आपको बता दें&nbsp;बिना मिट्टी के भी पौधे उगाए जा सकते हैं और अच्छी पैदावार ली जा सकती है. इसी तरीके को हाइड्रोपोनिक्स खेती कहा जाता है. इसमें पौधों की जड़ों को मिट्टी से पोषण देने के बजाय पानी के जरिए जरूरी पोषक तत्व दिए जाते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">यह तरीका उन लोगों के लिए सही है जिनके पास खेती के लिए कम जमीन होती है. इसमें पौधों को पाइप, कंटेनर में लगाया जाता है. पानी और पोषक तत्वों की मात्रा पर ध्यान देकर पौधों की ग्रोथ को मैनेज किया जाता है. सबसे अच्छी बात यह है कि सही सेटअप होने पर कम जगह में कई पौधे उगाए जा सकते हैं. इसे शुरू करने से पहले इस तकनीक के बारे में जानकारी और कितना खर्च होगा यह जान लेना चाहिए.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>कैसे काम करती है बिना मिट्टी वाली खेती?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">इस खेती में पौधे मिट्टी में नहीं लगाए जाते. उनकी जड़ों को पानी और उसमें घुले जरूरी पोषक तत्वों से खाना मिलता है. पौधे को एक ऐसी जगह रखा जाता है जहां उसकी जड़ें नीचे की तरफ रहती हैं और उन्हें पानी, हवा और पोषण मिलता रहता है. कई सिस्टम में पाइप का इस्तेमाल किया जाता है.&nbsp;पानी को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए पंप भी लगाया जा सकता है.&nbsp;इसका फायदा यह है कि पौधे को जितने पोषक तत्व चाहिए.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">उन्हें पानी के जरिए नियंत्रित तरीके से दिया जा सकता है.&nbsp;पारंपरिक खेती की तरह पूरी जमीन तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ती.&nbsp;हाइड्रोपोनिक्स तकनीक में पानी की बचत भी होती है क्योंकि पानी को दोबारा इस्तेमाल किया जाता है. खेती के इस तरीके में आपको वाॅटर लेवल, न्यूट्रिएंट्स, लाइट और पौधों की ग्रोथ लगातार देखनी पड़ती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/15/59625a432a3050426e31b60d64e2dfb91786787234157907_original.png" /></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>कम जगह में कई तरह की फसल उगा सकते हैं</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">बिना मिट्टी वाली खेती का सबसे बड़ा फायदा जगह का बिल्कुल कम इस्तेमाल है. इसे आप बहुत ही कम जगह में शुरू कर सकते हैं. ध्यान रहे पौधों के लिए रोशनी और टेंपरेचर सही होना चाहिए. आपको बता दें इस तरीके से पत्तेदार सब्जियों और कुछ दूसरी फसलों को उगाया जा सकता है. इसमें सलाद पत्ता, पालक, मेथी जैसी फसलें फायदेमंद साबित हो सकती हैं. इसमें स्ट्रॉबेरी, टमाटर और दूसरी सब्जियों को भी उगाया जाता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">आपको बता दें हर फसल इस तरीके से आसानी से नहीं उगती. इसलिए शुरुआत में ऐसी फसल ही लगाएं जिसकी जरूरतें आपके सेटअप के हिसाब से पूरी हो सकें. जगह बचने के साथ खेती को ऊंचाई की तरफ भी बढ़ाया जा सकता है. वर्टिकल तरीके से आप एक के ऊपर एक कई पौधे लगाए जा सकते हैं. इससे कम जगह का इस्तेमाल और ज्यादा अच्छे तरीके से हो जाता है.</p>
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<h3 style="text-align: justify;"><strong>कितना आता है खर्च?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">अगर आप इसे बड़े लेवल पर शुरू करना चाहते हैं. तो शुरुआत में पाइप, न्यूट्रिएंट टैंक, पंप और नेटपॉट्स का शुरूआत में थोड़ा इन्वेस्टमेंट करना होता है. अगर आप 500 से 1000 स्क्वायर फीट में इसे शुरू करना चाहते हैं तो 1.5 से 3 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है. हालांकि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड जैसे योजनाओं में किसानों को 50 फीसदी तक की सब्सिडी मिल जाती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">नए किसानों के लिए पहले किसी कृषि संस्थान से 3 से 5 दिन की ट्रेनिंग सही रहेगी. किसान इसे शुरू में घर की छत पर 20-30 पौधों के साथ शुरू कर सकते हैं. इसमें पहले पानी का पीएच और टीडीएस मैनेज करना सीखना होदा. एक बार पूरा तरीका समझ जाएंगे तो फिर आप और पौधे लगा सकते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/15/865fde0c7918152db12661ba04c972a71786787473847907_original.png" /></p>
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