- चीनी Kimi K3 मॉडल अमेरिकी AI दिग्गजों को चुनौती।
- एंथ्रोपिक के Claude AI ने सिस्टम में सेंध लगाई।
- गूगल सर्च पर AI ओवरव्यू का चलन बढ़ा।
AI Round Up: इस समय दुनियाभर में एआई को लेकर जितनी चर्चा हो रही है, उतनी शायद ही किसी और टॉपिक पर चल रही है. एआई इतनी तेजी से आगे बढ़ रही है कि हर दिन इससे जुड़ी जानकारी और अपडेट्स सामने आ रही हैं. कंपनियां एक के बाद एक नए एआई मॉडल लॉन्च कर रही हैं. दूसरी तरफ नए मार्केट ट्रेंड्स, एक्सपर्ट ओपिनियन और टेक लीडर्स के स्टेटमेंट लगातार सामने आ रहे हैं. हालिया दिनों में ओपनएआई और एंंथ्रोपिक के एआई मॉडल्स ने नई साइबर सिक्योरिटी चिंताओं को जन्म दिया है. आज के एआई राउंड-अप में हम जानेंगे कि बीते हफ्ते इस फील्ड में क्या-क्या हुआ है.
Opus 5 की लॉन्चिंग
हालिया समय के बड़े लॉन्च को देखें तो एंथ्रोपिक ने 24 जुलाई को अपना Opus 5 मॉडल लॉन्च किया था. यह कंपनी के Fable 5 मॉडल से छोटा है, लेकिन यह यूजर्स को सस्ता भी पड़ेगा और इसमें रेस्ट्रिक्शंस भी कम हैं. इसके बावजूद इसने कई बेंचमार्क में Fable को पीछे छोड़ दिया है. इससे पहले कंपनी ने मई के आखिर में Opus 4.8 मॉडल को लॉन्च किया था. जून में एंथ्रोपिक माइथोस 5, फेबल 5 और सोनेट 5 को लॉन्च कर चुकी है.
Seedance 2.5 अब बनाएगा 30 सेकंड का वीडियो
टिकटॉक की पैरेंट कंपनी ByteDance ने अपने एडवांस्ड एआई वीडियो जनरेशन मॉडल Seedance 2.5 को रोल आउट किया है. यह Seedance 2.0 के मुकाबले बड़े अपग्रेड्स के साथ आया है. फरवरी में लॉन्च हुआ Seedance 2.0 एक प्रॉम्प्ट में केवल 12 रेफरेंस मैटेरियल ले सकता था, वहीं नए मॉडल में एक प्रॉम्प्ट में 30 इमेज, 10 वीडियो क्लिप और 10 ऑडियो को रेफरेंस कंटेट के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. इनकी मदद से नया मॉडल 30 सेकंड तक का वीडियो जनरेट कर सकता है.
चाइनीज एआई मॉडल को लेकर पैनिक की स्थिति
चाइनीज कंपनी Moonshot AI के Kimi K3 मॉडल की लॉन्चिंग ने अमेरिकी कंपनियों के लिए पैनिक की स्थिति पैदा कर दी है. Moonshot ने कहा कि यह कि Claude Fable 5 और GPT 5.6 Sol जैसे प्रोपराइटरी मॉडल्स से पीछे है, लेकिन इसने टेस्टिंग के दौरान फ्रंटियर लेवल की परफॉर्मेंस दिखाई है. इंडिपेंडेट एनालिसिस में भी पता चला है कि यह चाइनीज ओपन सोर्स मॉडल अमेरिकी कंपनियों के फ्लैगशिप फ्रंटियर मॉडल्स को आसानी से टक्कर दे सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चाइनीज मॉडल्स ने अमेरिकी कंपनियों में भी हलचल पैदा कर दी है. ओपनएआई और एंथ्रोपिक ने अमेरिका के रेगुलेटर से चाइनीज एआई मॉडल्स के खिलाफ लॉबिंग की है.
गूगल पर एआई सर्च बन रहा डिफॉल्ट मोड
गूगल पर एआई सर्च डिफॉल्ट मोड बनता जा रहा है. ताजा डेटा से पता चला है कि अब 43 प्रतिशत सर्चेज में गूगल का एआई ओवरव्यू नजर आने लगा है, जबकि पहले यह संख्या 15 प्रतिशत थी. सर्च रिजल्ट के ऊपर एक एआई लेयर के तौर पर शुरू हुआ यह मोड अब सर्च का जरूरी हिस्सा बन गया है. पिछले साल जून में एआई मोड पर विजिट की संख्या 126 मिलियन थी, जो इस साल मई में बढ़कर 279 मिलियन हो गई है.
अगले 5 वर्षों में अरबों लोगों के पास होगा अपना एआई एजेंट- जुकरबर्ग
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग का कहना है कि अगले पांच वर्षों में करीब एक अरब लोगों के पास अपने एआई एजेंट्स होंगे. उन्होंने कहा कि ये एआई एजेंट्स यूजर्स को जरूरतों को समझ सकेंगे और हर समय काम करेंगे. लोग हेल्थ, रिलेशनशिप और फाइनेंस मैनेजमेंट जैसे कामों में इनका इस्तेमाल कर पाएंगे. इस दौरान मेटा सीईओ ने यह भी बताया कि कंपनी ऐप्स को जल्दी बनाने और लॉन्च करने के लिए एआई की मदद ले रही है. प्रोडक्ट टीम के लिए एआई से ऐप्स को बनाना आसान हो गया है.
क्या काबू से बाहर हो रहे हैं एआई मॉडल?
OpenAI के बाद अब एंथ्रोपिक के एआई मॉडल के काबू से बाहर होने की घटना सामने आई है. कंपनी ने बताया कि इंटरनल इन्वेस्टिगेशन के दौरान पता चला है कि उसके एआई मॉडल Claude ने साइबर सिक्योरिटी टेस्ट के दौरान तीन कंपनियों के सिस्टम को ब्रीच किया है. इन तीनों ही घटनाओं में Claude मॉडल ने कंपनियों के लाइव सिस्टम की अनऑथोराइज्ड एक्सेस ले ली थी. इससे पहले ओपनएआई के सिस्टम ने हगिंग फेस के सिस्टम को ब्रीच किया था.
सिरी एआई के लिए देना पड़ सकता है पैसा
ऐप्पल सीईओ टिम कुक ने अपनी आखिरी अर्निंग कॉल में कहा है कि सिरी एआई अपग्रेड पेवॉल लिमिट के साथ आ सकती है. इसका मतलब है कि अपग्रेड के सारे फीचर्स यूज करने के लिए यूजर्स को पैसा चुकाना पड़ सकता है. ऐसे भी कयास हैं कि कंपनी सिरी एआई की फुल एक्सेस को iCloud+ सब्सक्रिप्शन में इंटीग्रेट कर सकती है.
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