बैंगन की फसल में फल और तना छेदक कीट किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जाता है. यह कीट सबसे पहले पौधे के नरम तने में घुसकर उसे अंदर से खोखला कर देता है, जिससे पौधे की टहनियां मुरझाकर सूखने लगती हैं. इसके बाद यही कीट फूल और फल में भी घुस जाता है. एक बार लार्वा फल के अंदर घुस जाए तो उसे नष्ट करना मुश्किल हो जाता है, इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत उपाय करना जरूरी होता है.

बैंगन में लगने वाले कीड़ों को भगाने के लिए नीम का तेल सबसे भरोसेमंद घरेलू उपाय माना जाता है. इसके लिए 5 मिलीलीटर नीम तेल को एक लीटर पानी में मिलाकर पौधे पर छिड़काव करना चाहिए. नीम का तेल पूरी तरह प्राकृतिक होता है और इससे कीड़ों को भगाने के साथ-साथ पौधे को भी कोई नुकसान नहीं होता. इसे हफ्ते में एक या दो बार छिड़कने से कीड़ों की समस्या धीरे-धीरे कम होने लगती है. इसके अलावा नीम की खली या गोमूत्र का छिड़काव भी कीड़ों को दूर भगाने में कारगर माना जाता है.

घर में आसानी से मिलने वाली चीजों से भी कीड़ों के लिए स्प्रे बनाया जा सकता है. इसके लिए लहसुन और तीखी मिर्च को पीसकर पानी में मिला लें और इस मिश्रण को रातभर के लिए रखा रहने दें. अगले दिन इसे छानकर स्प्रे बोतल में भरकर पौधे पर छिड़काव करें. लहसुन और मिर्च की तेज गंध और तीखापन कीड़ों को पौधे के पास आने से रोकता है.

अगर पौधे में सफेद मक्खी या छोटे रस चूसने वाले कीड़े दिखें, तो साबुन के पानी का स्प्रे बहुत असरदार होता है. इसके लिए हल्के साबुन को पानी में घोलकर पौधे की पत्तियों और तने पर छिड़काव करें. यह घोल कीड़ों के शरीर पर चिपककर उन्हें कमजोर कर देता है, जिससे वे पौधे को नुकसान नहीं पहुंचा पाते.

घरेलू उपायों के साथ-साथ पौधे की नियमित सफाई और निगरानी करना भी बहुत जरूरी है. जो टहनी या फल कीड़े से खराब हो चुके हों, उन्हें तुरंत तोड़कर पौधे से अलग कर देना चाहिए, ताकि कीड़ा आगे न फैले. पौधे के आसपास सूखे पत्ते साफ रखने चाहिए, क्योंकि इनमें कीड़े छिपकर अंडे देते हैं.
Published at : 10 Aug 2026 12:35 PM (IST)






