भारत के कारोबार के लिए अच्छी खबर है. दुनिया के कई देशों में भारतीय सामान की मांग बढ़ रही है. अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान अफ्रीका में भारत का निर्यात 47% बढ़कर 26.19 अरब डॉलर पर पहुंच गया. पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 17.83 अरब डॉलर था. वहीं, आसियान देशों में भी भारतीय सामान की मांग बढ़ी है और यहां निर्यात में 56% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
निर्यात बढ़ने का मतलब है कि भारत से दूसरे देशों में ज्यादा सामान बिक रहा है. इससे देश के कारोबार, कंपनियों और रोजगार को भी फायदा मिल सकता है.
अफ्रीका में कितनी बढ़ी मांग?
अफ्रीका के बाजारों में भारत का कारोबार तेजी से बढ़ा है. अप्रैल से अगस्त के बीच अफ्रीका को होने वाला निर्यात कुल भारतीय निर्यात में 12.2% हिस्सेदारी तक पहुंच गया. पिछले साल इसी समय में ये हिस्सेदारी 9.7% थी.
पूर्वी अफ्रीका में भारत का निर्यात 94% बढ़कर 8.95 अरब डॉलर हो गया. वहीं, दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ के देशों में निर्यात 53% बढ़कर 5.09 अरब डॉलर पहुंच गया. उत्तरी अफ्रीका में निर्यात 33% बढ़कर 4.03 अरब डॉलर हो गया है. पश्चिमी अफ्रीका में भी 7% की बढ़ोतरी हुई और ये 5.57 अरब डॉलर पर पहुंच गया.
आसियान देशों में कितना बढ़ा कारोबार?
अफ्रीका के अलावा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में भी भारतीय सामान की मांग बढ़ी है. अप्रैल से अगस्त के दौरान आसियान देशों को भारत का निर्यात 56% बढ़कर 23.08 अरब डॉलर हो गया है.
पूर्वोत्तर एशिया में निर्यात 37% बढ़कर 21.03 अरब डॉलर पहुंच गया. वहीं, दक्षिण एशिया और यूरोप के कुछ अन्य बाजारों में भी निर्यात में 24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इन आंकड़ों से पता चलता है कि भारत सिर्फ कुछ चुनिंदा देशों पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग बाजारों में अपना कारोबार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.
पश्चिम एशिया में कैसे सुधरा निर्यात?
पश्चिम एशिया में भारत के निर्यात पर भी नजर रखना जरूरी है. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बाद इस क्षेत्र में कारोबार प्रभावित हुआ था. हालांकि, अब निर्यात में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में पश्चिम एशिया को भारत का निर्यात 4.2 अरब डॉलर था, जो अगस्त में बढ़कर 5.01 अरब डॉलर हो गया. हालांकि, जनवरी में ये 6.48 अरब डॉलर था.
ट्रक के निर्यात में भी आई तेजी
भारत से कमर्शियल वाहनों का निर्यात भी बढ़ा है. अप्रैल से अगस्त के दौरान लाइट कमर्शियल ट्रकों के निर्यात में 71% की बढ़ोतरी हुई, जबकि मीडियम ट्रकों का निर्यात 67% बढ़ा है. वाहनों के निर्यात में ये तेजी भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए अच्छी खबर है.
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