‘भारत बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर, कोई नहीं रोक सकता’, राजनाथ सिंह का बड़ा बयान

‘भारत बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर, कोई नहीं रोक सकता’, राजनाथ सिंह का बड़ा बयान


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  • सीडीएस ने कहा, भविष्य के युद्ध भूमि, समुद्र, वायु, साइबर, मनोवैज्ञानिक होंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ मंत्री ने शनिवार (23 मई, 2026) को भारत के डिफेंस सेक्टर के व्यापक विस्तार को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आने वाले 25 से 30 सालों में भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यात करने वाला देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और भारत को ऐसा करने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है.

रक्षा क्षेत्र में निजी सेक्टर की भूमिका पर बोले रक्षा मंत्री

महाराष्ट्र के शिरडी में एक गोला-बारूद निर्माण इकाई के उद्घाटन के बाद समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य रक्षा उत्पादन यानी डिफेंस प्रोडक्शन में निजी सेक्टर की हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत तक बढ़ाना है. उन्होंने कहा, ‘भारत को पहले हथियारों का आयात करने वाला देश माना जाता था, लेकिन अब कोई भी ताकत भारत को अगले 25-30 सालों में सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश बनने से रोक नहीं सकती है.’

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डिफेंस में निजी क्षेत्र अब सिर्फ नट-बोल्ट का सप्लायर नहीं रहाः राजनाथ

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘भारत को गोला-बारूद और ऑटोमेशन का ग्लोबल हब बनाने के लिए सभी को एक साथ मिलकर काम करना होगा. जब सरकार की दूरदृष्टि और प्राइवेट सेक्टर का इनोवेशन एक साथ आते है, तब देश नई ऊंचाइयों तक पहुंचता है.’ उन्होंने कहा, ‘अब प्राइवेट सेक्टर डिफेंस लाइन में सिर्फ नट-बोल्ट का सप्लायर नहीं रहा, बल्कि अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का निर्माता भी बन चुका है.’

भविष्य के युद्ध मल्टी-सेक्टरल होंगेः CDS अनिल चौहान

वहीं, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शिरडी में रक्षा विनिर्माण यूनिट के उद्घाटन के मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शनिवार (23 मई, 2026) को कहा कि भविष्य के युद्ध मल्टी-सेक्टरल होंगे, जहां लड़ाइयां भूमि, समुद्र, वायु और साइबर क्षेत्र के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तरीके से भी लड़ी जाएंगी. उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध सिर्फ इंसानी ताकत, पारंपरिक हथियारों या प्लेटफॉर्म-केंद्रित अभियानों पर आधारित नहीं हैं. AI, ड्रोन, रोबोटिक्स, साइबर सिस्टम, स्पेस, टेक्नोलॉजी, सटीक मारक क्षमता वाले हथियार और सूचना प्रभुत्व भविष्य के युद्धों को निर्णायक आकार देंगे.

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