भारत सरकार ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई हालिया टिप्पणी का कड़ा जवाब दिया है. सरकारी सूत्रों ने कहा कि ख्वाजा आसिफ के पास कोई गंभीर काम नहीं है और वह अपनी समझ से बाहर के मामलों पर बेवजह बयान देकर समय बिताते हैं. सरकारी सूत्रों ने ख्वाजा आसिफ को मानसिक रूप से अस्थिर बताया. उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है और पाकिस्तान में उन्हें रक्षा मंत्री जैसी अहम जिम्मेदारी मिलना ही वहां की मौजूदा स्थिति को दिखाता है. सूत्रों ने कहा कि उनके पास कोई नियमित काम नहीं है, इसलिए वह ऐसे विषयों पर भी बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करते रहते हैं, जिनकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं होती. सूत्रों ने यह भी कहा कि जलन कभी भी अच्छी बात नहीं होती, खासकर ऐसे व्यक्ति के लिए जो लगातार नफरत फैलाने वाले बयान देता हो.
भारत सरकार की यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब ख्वाजा आसिफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले सेशेल्स के सम्मान का मजाक उड़ाते हुए उसे बनावटी सम्मान बताया था. दरअसल, पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और छोटे द्वीपीय देशों के विकास के लिए उनके योगदान के सम्मान में सेशेल्स का नया सर्वोच्च सम्मान गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन प्रदान किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मान को पाने वाले पहले व्यक्ति बने. यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से कुछ सप्ताह पहले ही शुरू किया गया था. सेशेल्स सरकार ने अपने राष्ट्रीय सम्मान प्रणाली में बदलाव करते हुए इस नए सम्मान की शुरुआत की थी.
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PM मोदी को मिले सम्मान को लेक विवाद
PM मोदी को मिले सम्मान को लेकर भारत में राजनीतिक विवाद भी हुआ. विपक्षी दलों ने सम्मान से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज में स्पेलिंग और टाइपिंग की गलतियों का मुद्दा उठाया. इसके अलावा सम्मान से जुड़ी तस्वीर को लेकर भी सवाल उठाए गए और दावा किया गया कि उसे जल्दबाजी में तैयार किया गया तथा उसमें AI आधारित डिजिटल टूल का इस्तेमाल किया गया. इन विवादों के बाद सेशेल्स सरकार ने साफ किया कि प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया सम्मान पूरी तरह वास्तविक है. सरकार ने बताया कि देश ने अपनी पुरानी राष्ट्रीय सम्मान व्यवस्था खत्म कर नई सम्मान प्रणाली लागू करने का फैसला किया था. इसी प्रक्रिया के तहत 24 जून को कैबिनेट ने गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन सम्मान को मंजूरी दी थी, जो प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से कुछ दिन पहले हुई.
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