लखपति दीदी योजना का लाभ लेने के लिए महिला का पहले से किसी स्वयं सहायता समूह से जुड़ा होना जरूरी है. अगर आप किसी स्वयं सहायता समूह की सदस्य नहीं हैं, तो सबसे पहले अपने इलाके के स्वयं सहायता समूह में शामिल होना होगा. इसके अलावा आवेदक का संबंधित राज्य का निवासी होना और खेती, पशुपालन, हस्तशिल्प, सिलाई या किसी अन्य छोटे कारोबार से जुड़ने या उसे बढ़ाने की इच्छा रखना भी जरूरी शर्तों में शामिल है. आवेदन के लिए महिला को अपने इलाके के स्वयं सहायता समूह कार्यालय या नजदीकी बैंक शाखा में जाना होता है. वहां लखपति दीदी योजना से जुड़ी जानकारी लेकर आवेदन फॉर्म भरना होता है और जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं.
आवेदन जमा करने के बाद संबंधित अधिकारी और बैंक द्वारा इसकी समीक्षा की जाती है. समीक्षा में आवेदन स्वीकृत होने पर महिला को योजना के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से जोड़ा जाता है. कई राज्यों में इस प्रक्रिया के कुछ हिस्से ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी पूरे किए जा सकते हैं, इसलिए अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी SHG कार्यालय से सही और ताजा जानकारी जरूर लें.
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कितना लोन मिलता है?
लखपति दीदी योजना में महिलाओं को सीधे एक लाख रुपये का इनाम नहीं मिलता, बल्कि उन्हें अपने कारोबार को खड़ा करने या बढ़ाने के लिए बैंक लोन की सुविधा दी जाती है. सामान्य तौर पर यह लोन एक लाख रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक हो सकता है, और कई मामलों में इस पर ब्याज दर में छूट या सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है. हालांकि, लोन की सटीक राशि, ब्याज दर और शर्तें राज्य, बैंक और आवेदक की पात्रता के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले अपने नजदीकी बैंक या SHG कार्यालय से पूरी जानकारी जरूर लें.
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