Totapuri Mango Farming: भारत में आम का सीजन आते ही बाजारों में तरह-तरह के आम मिलने शुरू हो जाते हैं. इन कई तरह के आमों के बीच कुछ ऐसी किस्में भी होती हैं, जो अपनी खूबसूरती और खास पहचान की वजह से हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लेती हैं. इन्हीं में से एक है लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय, तोतापुरी आम. इसे देखकर और इसका नाम सुनकर लोगों के मन में तोते की चोंच का आकार आ जाता है. यही कारण है कि इस आम को तोतापुरी आम कहा जाता है.
यह आम अपने खास स्वाद के लिए लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें मिठास कम और हल्का खट्टापन होता है. यही वजह है कि लोग इसे सलाद, अचार और शेक जैसी चीजों में बड़े चाव से इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में हर किसी के मन में यह सवाल आता है कि आखिर यह खास तरह का दिखने वाला आम सबसे ज्यादा कहां पैदा होता है और जो किसान इसकी खेती करना चाहते हैं, वे इसे कैसे कर सकते हैं?
किन राज्यों में होती है सबसे ज्यादा तोतापुरी आम की खेती?
अगर बात करें कि तोतापुरी आम सबसे ज्यादा कहां पैदा होता है, तो बता दें कि इसकी सबसे ज्यादा पैदावार कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों में होती है. माना जाता है कि इन राज्यों की मिट्टी और जलवायु इसकी खेती के लिए बेहद अनुकूल होती है. इसके अलावा तमिलनाडु में भी इसकी अच्छी पैदावार होती है और समय के साथ धीरे-धीरे इसकी खेती पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी शुरू होने लगी है. इस आम की खेती करने वाले किसानों का दावा है कि आम के सीजन में तोतापुरी आम की बाजारों में मांग कभी कम नहीं होती, जिससे उन्हें काफी हद तक अच्छी कमाई भी हो जाती है.
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तोतापुरी आम की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
दशहरी आम के साथ-साथ तोतापुरी आम को पसंद करने वाले लोगों की भी बड़ी संख्या है. ऐसे में कई लोग जानना चाहते हैं कि आखिर इस आम में ऐसी क्या खासियत है. बता दें कि तोतापुरी आम के पसंद किए जाने की सबसे बड़ी वजह सिर्फ इसका स्वाद ही नहीं है, बल्कि लोग इसे अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल करना भी काफी पसंद करते हैं. इसका हल्का खट्टा स्वाद इसे अचार बनाने के लिए परफेक्ट बनाता है, जबकि इसका गाढ़ा गूदा शेक और जूस बनाने में भी बेहतरीन परिणाम देता है. यही वजह है कि बाजार में होटल और जूस सेंटरों पर इसकी मांग सबसे ज्यादा रहती है, क्योंकि ज्यादातर मैंगो शेक तोतापुरी आम से ही तैयार किया जाता है.
तोतापुरी आम की पैदावार बढ़ाने के आसान तरीके
इस जानकारी के बाद अब सवाल आता है कि किसान इसकी पैदावार कैसे बढ़ा सकते हैं. ऐसे में आपको बता दें कि सबसे पहले तोतापुरी आम के पौधे लगाने का सबसे अच्छा समय बरसात का मौसम होता है, यानी जून से अगस्त के बीच. साथ ही पेड़ों के बीच 8 से 10 मीटर की दूरी रखना जरूरी होता है, ताकि हर पेड़ को भरपूर धूप मिल सके. इसके अलावा शुरुआती वर्षों में पौधों को नियमित रूप से पानी देना जरूरी होता है, जबकि बड़े हो चुके पेड़ों को अपेक्षाकृत कम पानी की जरूरत पड़ती है.
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