Nashik TCS Case: महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) यूनिट में कथित जबरन धर्मांतरण, यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने तीखा रुख अपनाया है. संगठन के अंतरराष्ट्रीय मंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने एबीपी न्यूज से खास बातचीत में इसे कॉरपोरेट जिहाद की संज्ञा दी और चेतावनी देते हुए कहा कि बड़े कॉरपोरेटों में दूर-दराज के राज्यों से काम करने आई हिंदू लड़कियों के साथ सिस्टेमैटिक शोषण हो रहा है, जो बंद होना चाहिए.
कंपनी प्रबंधन ऐसी घटना के शिकायतों को करता है नजरअंदाजः बागड़ा
बागड़ा ने आरोप लगाया कि कुछ मुस्लिम कर्मचारी अपने अधीन काम करने वाली हिंदू कन्याओं को यौन शोषण का शिकार बनाते हैं, उन्हें बीफ खिलाने की कोशिश करते हैं और नमाज पढ़ने के लिए दबाव डालते हैं. शिकायत पहुंचने पर भी कंपनी प्रबंधन अक्सर इसे नजरअंदाज कर देता है या दबाने की कोशिश करता है.
उन्होंने कहा, ‘आजकल माता-पिता अपनी बेटियों को कॉरपोरेट नौकरियों के लिए दूर भेजते वक्त यही सोचते हैं कि वहां सुरक्षित माहौल मिलेगा, लेकिन ऐसी घटनाएं उस भरोसे को पूरी तरह हिला रही हैं.’
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दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर किए गए प्रदर्शन
विहिप ने दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया था और इसके बाद प्रेस वार्ता भी आयोजित की. एबीपी न्यूज से आगे बात करते हुए बजरंग लाल बागड़ा ने कहा कि उन्होंने देश के प्रमुख चैंबर्स को पत्र लिखकर कहा है कि वो अपने सदस्य कंपनियों को इस गंभीर मुद्दे से आगाह करें. इसके साथ ही आने वाले दिनों में वे खुद चैंबर के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. जिन कंपनियों में ऐसी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, वहां व्यक्तिगत स्तर पर VHP संपर्क कर मामला उठाएगी. अगर जरूरी हुआ तो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन का भी विचार किया जाएगा.
बागड़ा ने साफ कहा कि पूरे कॉरपोरेट जगत को इस विषय की गंभीरता समझनी चाहिए और अपने-अपने स्तर पर तुरंत समाधान निकालना चाहिए, वरना युवा लड़कियों के माता-पिता का विश्वास टूटने से न सिर्फ कर्मचारियों की सुरक्षा, बल्कि नौकरी के माहौल पर भी दूरगामी असर पड़ेगा.
हिंदू प्रतीकों पर हमला बर्दाश्त नहीः बागड़ा
इसी बीच विश्व हिंदू परिषद ने प्रीमियम आई-वियर कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड विवाद पर भी नाराजगी जताई. बजरंग लाल बागड़ा ने कहा कि हिंदू संस्कृति के प्रतीक, बिंदी, कलावा, सिंदूर, मंगलसूत्र या तिलक, पर किसी भी तरह का आघात सहन नहीं किया जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि जहां इन हिंदू चिह्नों पर रोक लगाई जाती है, वहीं हिजाब को अनुमति दे दी जाती है. इससे साफ जाहिर होता है कि कुछ संस्थान हिंदू विरोधी रवैया अपनाए हुए हैं.
हालांकि, उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि लेंसकार्ट के उच्च प्रबंधन ने खेद जताया और मामले को सुधारने का आश्वासन दिया है, लेकिन बागड़ा ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यह सिर्फ लेंसकार्ट तक सीमित नहीं है. अगर किसी भी कॉरपोरेट में हिंदू संस्कृति और उसके सांस्कृतिक प्रतीकों पर ऐसा आक्रमण हुआ तो विहिप अब इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा.
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