- सुरक्षा प्रणालियों ने काम किया, यात्रियों को सुरक्षित निकाला।
केरल के त्रिवेंद्रम से दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन जा रही राजधानी एक्सप्रेस में रविवार (17 मई, 2026) को आग लगने की घटना के बाद रेल मंत्रालय एक्शन मोड में आ गया है. भारतीय रेलवे ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. घटना की जांच के लिए एक 6-सदस्यीय हाई लेवल इंटर डिपार्टमेंटल कमेटी का गठन किया गया है, जो ट्रेन में आग लगने की वजह का पता लगाएगी.
भारतीय रेलवे के मुताबिक, इस हाई लेवल इंटर डिपार्टमेंटल कमेटी में प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर, इंट्रीग्रल कोच फैक्ट्री, वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे के प्रिंसिपल मैकेनिकल अधिकारी समेत कई विभागों के अधिकारी शामिल होंगे. इस कमेटी की रिपोर्ट प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर के नेतृत्व में सौंपी जाएगी.
यात्रियों की सुरक्षा भारतीय रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता
भारतीय रेलवे के अधिकारियों ने कहा, ‘एक एहतियाती कदम के रूप में पूरे नेटवर्क में कोचों में अग्नि सुरक्षा प्रणालियों और परिचालन प्रोटोकॉल का एक व्यापक ऑडिट (समीक्षा) भी किया जा रहा है. यात्री सुरक्षा भारतीय रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम सुरक्षा और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’
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राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने की बात कब पता चली?
12431 त्रिवेंद्रम-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के पीछे के दो एसी कोचों में आग लगने का पता रविवार (17 मई, 2026) को सुबह करीब 05:15 बजे चला. जब ट्रेन कोटा मंडल के नागदा के पास से गुजर रही थी. ट्रेन में आग लगने के बाद मौजूद सुरक्षा प्रणालियों ने डिजाइन के अनुसार तुरंत काम किया, जिससे ट्रेन अपने आप रुक गई.
इसके बाद सतर्क ट्रेन चालक दल (क्रू) ने तुरंत पेशेवर तरीके से कार्रवाई करते हुए प्रभावित कोचों को अलग कर दिया, जिससे ट्रेन के बाकी हिस्सों में सवार सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई. इस घटना के दौरान कोच में कुल 68 यात्री सवार थे, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई है.
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