वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय हालात और बढ़ती महंगाई का असर अब आम लोगों की जिंदगी से लेकर धार्मिक यात्राओं तक साफ दिखाई देने लगा है. इस साल हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है. अमेरिका इजरायल की ईरान से जंग के चलते हज यात्रा का खर्च पहले से और भी ज्यादा बढ़ गया है.
सेमाफोर की ओर से बुधवार (20 मई) को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार फ़ारस की खाड़ी (Persian Gulf) के पार उड़ानों की क्षमता में कमी और आपूर्ति मार्गों में रुकावट के कारण यात्रा पैकेजों की कीमतें यात्रा शुरू होने से पहले ही तीन या चार गुना तक बढ़ गई हैं. बता दें कि इंडोनेशिया, पाकिस्तान और मलेशिया सहित कई मुल्कों की सरकारों ने मक्का की इस सालाना यात्रा को देखते हुए तीर्थयात्रियों के लिए बढ़े हुए खर्च को कम करने में मदद के लिए सब्सिडी योजना शुरू की है.
कितना बढ़ा हज का खर्च
पिछले 3 साल के हज यात्रा के प्रति व्यक्ति खर्च की बात करें तो 2023 में औसत प्रति व्यक्ति खर्च 3.25 लाख आया था जो कि 2024 में बढ़कर औसत प्रति व्यक्ति खर्च 3.35 लाख रुपए हो गया. 2025 में औसत प्रति व्यक्ति खर्च 3.40 लाख रुपये था और अब साल 2026 में ये 3. 74 लाख से भी कहीं अधिक हो गया है.
भारत में हज के लिए नोडल मंत्रालय के रूप में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने भारतीय हज समिति, अन्य केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सऊदी अधिकारियों के समन्वय से हज यात्रियों के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं. इन प्रयासों का मकसद हज यात्रियों के लिए सुगम लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और जमीनी स्तर पर बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है.
कब से शुरू होगी हज यात्रा
भारत से साल 2026 की हज यात्रा 18 अप्रैल से शुरू होने वाली है. हजयात्रियों का पहला जत्था देशभर में कई जगहों से सऊदी अरब के लिए रवाना होगा. केंद्र की मोदी सरकार ने प्रत्येक हज यात्री के लिए लगभग 6,25,000 रुपये का बीमा कवरेज भी सुनिश्चित किया है, जिससे हज यात्रा के दौरान वित्तीय और स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत होंगी.
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