हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा और दिल्ली में सबसे कम, हर राज्य में क्यों अलग है रेट?

हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा और दिल्ली में सबसे कम, हर राज्य में क्यों अलग है रेट?


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  • राज्यों के वैट, सेस से तय होती हैं अंतिम कीमतें।

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष और तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की आपूर्ति और कीमतों पर व्यापक प्रभाव पड़ा है. इसी कारण से पिछले आठ दिनों में भारत में तीसरी बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोत्तरी की गई, जिसमें पेट्रोल और डीजल के कीमत में करीब एक रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए. ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का दाम अब 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

हालांकि, पेट्रोल और डीजल की कीमतें देश के अलग-अलग महानगरों और राज्यों में अलग नजर आ रही है. इसी कड़ी में मुंबई की पेट्रोल की कीमत 108.49 रुपये प्रति लीटर रही, जबकि दिल्ली में यह 99.51 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई. वहीं, शनिवार (23 मई, 2026) को देश के दो शहरों, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम, में डीजल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक दर्ज की गई. इसके अलावा, हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत देश में सबसे ज्यादा 112.81 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई, जबकि तिरुवनंतपुरम में 112.64 रुपये प्रति लीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहा. जबकि दिल्ली में पेट्रोल की दाम देश में सबसे कम 99.51 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई.  

भारत के विभिन्न शहरों में पेट्रोल की कीमतें (प्रति लीटर)

हैदराबाद – 112.81 रुपये

तिरुवनंतपुरम – 112.64 रुपये

पटना – 111 रुपये

कोलकाता – 110.64 रुपये

जयपुर – 109.84 रुपये

मुंबई – 108.49 रुपये

बेंगलुरु – 108.09 रुपये

भुवनेश्वर – 106.18 रुपये

चेन्नई – 105.31 रुपये

गुवाहाटी – 105.10 रुपये

दिल्ली – 99.51 रुपये

राज्यों में ईंधन की कीमतें अलग-अलग क्यों हैं?

देश के प्रत्येक राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं, क्योंकि हर राज्य अपने तरफ से अलग-अलग वैट (VAT) और सेस (Cess) लगाता है. हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से लगाई जाने वाली एक्साइज ड्यूटी पूरे देश में समान रहती है, लेकिन उपभोक्ताओं को पेट्रोल पंप पर चुकाई जाने वाली कीमत राज्य सरकारों की टैक्स पॉलिसी पर निर्भर करती है.

राज्य सरकार की तरफ से लगाए गए वैट और सेस ही राज्य में पेट्रोल और डीजल की अंतिम कीमत तय करते हैं. आमतौर पर विपक्ष शासित राज्यों में खुदरा उपभोक्ताओं पर ज्यादा टैक्स लगाए जाने के कारण कीमतें ज्यादा रहती हैं.

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