मुंबई में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ा शिकंजा! 14 नाइजीरियाई नागरिकों की पहचान, डिपोर्टेशन की तैयारी

मुंबई में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ा शिकंजा! 14 नाइजीरियाई नागरिकों की पहचान, डिपोर्टेशन की तैयारी


मुंबई में ड्रग्स तस्करी और ड्रग्स पेडलिंग के खिलाफ पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. मुंबई पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) समेत कई एजेंसियां ड्रग्स नेटवर्क पर शिकंजा कस रही हैं. अब ड्रग्स के मामलों में गिरफ्तार होने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, ड्रग्स तस्करी और पेडलिंग के मामलों में अफ्रीकी महाद्वीप के कई देशों के नागरिकों के नाम सामने आते रहे हैं. हालांकि, जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में सबसे अधिक मामले नाइजीरिया के नागरिकों से जुड़े पाए गए हैं. यही वजह है कि ड्रग्स के मामलों में गिरफ्तार होने वाले विदेशी नागरिकों में नाइजीरियाई नागरिकों का जिक्र अक्सर प्रमुखता से सामने आता है.

सूत्रों का कहना है कि इन मामलों में कानूनी प्रक्रिया लंबी चलने के कारण आरोपियों को कई बार जमानत मिल जाती है. जमानत पर बाहर आने के बाद कुछ आरोपी कथित तौर पर फिर से ड्रग्स के कारोबार में सक्रिय हो जाते हैं. इससे एजेंसियों को बार-बार एक ही तरह के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ती है. अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया के कारण ऐसे विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने में भी काफी समय लग जाता है. इसी प्रकार की चुनौतियां पहले अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के मामलों में भी सामने आती थीं. बाद में सरकार ने डिपोर्टेशन प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए बड़ी संख्या में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा.

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महाराष्ट्र में 14 नाइजीरियाई नागरिकों की पहचान

सूत्रों के अनुसार, अब ड्रग्स के मामलों में शामिल विदेशी नागरिकों के संबंध में भी इसी तरह की रणनीति पर काम किया जा रहा है. महाराष्ट्र में ऐसे 14 नाइजीरियाई नागरिकों की पहचान की गई है जिन पर ड्रग्स से जुड़े मामले दर्ज हैं और जिन्हें आदतन अपराधी (हैबिचुअल ऑफेंडर) माना जा रहा है. संबंधित एजेंसियां उनके मामलों की समीक्षा कर रही हैं और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें डिपोर्ट करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि आगे भी यदि कोई विदेशी नागरिक ड्रग्स तस्करी या ड्रग्स पेडलिंग में शामिल पाया जाता है, तो आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उसे जल्द से जल्द उसके देश वापस भेजने की कार्रवाई की जा सकती है.

ड्रग्स के कारोबार में शामिल विदेशी नागरिक

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ड्रग्स के कारोबार में शामिल विदेशी नागरिकों के खिलाफ यह रणनीति इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कई मामलों में आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा उसी अवैध कारोबार में शामिल पाए गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई और डिपोर्टेशन से ड्रग्स नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है.

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