Food Habits That Cause Obesity In Children: बदलती लाइफस्टाइल का असर सिर्फ बड़े और बुजुर्गों पर ही नहीं हो रहा है, बल्कि बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. आजकल के बच्चों में मोटापा एक बड़ी दिक्कत बनता जा रहा है. और इसकी सबसे बड़ी वजह सिर्फ बाहर का खाना या जंक फूड नहीं है, बल्कि घर के भीतर बनी कुछ ऐसी फूड हैबिट्स भी हैं, जो धीरे-धीरे बच्चों का वजन बढ़ाने लगती हैं. कई बार मां-बाप को लगता है कि वे बच्चे की हर जरूरत पूरी कर रहे हैं, लेकिन अनजाने में वही आदतें आगे चलकर मोटापे की वजह बन जाती हैं. अगर समय रहते इन पर ध्यान न दिया जाए, तो बच्चा कम उम्र में ही मोटापे की चपेट में आ सकता है.
बच्चों को तुरंत खाना क्यों नहीं देना चाहिए?
सबसे पहली आदत है, बच्चे के हर बार भूख लगने की बात पर तुरंत कुछ खाने को दे देना. कई बार बच्चे सच में भूखे नहीं होते, बल्कि बोरियत, आदत या किसी चीज की क्रेविंग की वजह से खाने की मांग करते हैं. ऐसे में अगर हर बार उन्हें कुछ न कुछ दे दिया जाए, तो ओवरईटिंग की आदत बन सकती है. इससे बचने के लिए बच्चों का फिक्स मील टाइम और स्नैक टाइम तय करना जरूरी है.
बात-बात पर स्नैक्स पकड़ाने की आदत
दूसरी आदत है, हर समय साथ में स्नैक्स लेकर चलना और मौका मिलते ही बच्चे को पकड़ा देना. आजकल कार, स्कूल बैग या बाहर जाते समय बच्चों के लिए स्नैक्स रखना आम बात हो गई है. लेकिन बार-बार स्नैकिंग से बच्चा यह समझ ही नहीं पाता कि असली भूख क्या होती है. ऐसे में जरूरत से ज्यादा कैलोरी शरीर में जाने लगती है. बेहतर होगा कि बच्चे को हर बार चिप्स, कुकीज या मीठी चीजें देने के बजाय फल, सब्जियां या हल्के हेल्दी स्नैक्स दिए जाएं.
बच्चों के लिए अलग से खाना बनाना
तीसरी आदत है, बच्चों के लिए अलग से उनकी पसंद का खाना बनाना. कई घरों में ऐसा होता है कि अगर बच्चा घर का सामान्य खाना नहीं खा रहा, तो उसके लिए अलग से मैगी, फ्रेंच फ्राइज, नगेट्स या दूसरी पसंदीदा चीजें बना दी जाती हैं. इससे बच्चा हेल्दी खाने से दूर होने लगता है और उसे लगता है कि हर बार उसकी पसंद का ही खाना मिलेगा. इससे बचने के लिए जरूरी है कि बच्चे को धीरे-धीरे वही संतुलित खाना खाने की आदत डाली जाए, जो घर में बाकी लोग खा रहे हैं.
इन चीजों से भी करना चाहिए परहेज
चौथी आदत है, पानी और दूध की जगह मीठे ड्रिंक्स देना. सॉफ्ट ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, फ्लेवर्ड ड्रिंक या मीठे शरबत बच्चों के शरीर में बहुत तेजी से अतिरिक्त शुगर पहुंचाते हैं. यही शुगर आगे चलकर वजन बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती है. इसलिए बच्चों को पानी पीने की आदत डालना और मीठे पेय से दूरी बनाना जरूरी है.
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बच्चों के वजन को लेकर ये गलतियां न करें
पांचवीं और सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चों के वजन को लेकर या तो बहुत निगेटिव रवैया अपनाया जाता है या फिर इस पर बिल्कुल बात ही नहीं की जाती. दोनों ही तरीके गलत हैं. बच्चे को शर्मिंदा करने के बजाय परिवार में हेल्दी खाने और एक्टिव रहने की आदत पर जोर देना चाहिए. अगर शुरुआत से ये पांच फूड हैबिट्स सुधर जाएं, तो बच्चों को मोटापे से काफी हद तक बचाया जा सकता है.
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