वेनेजुएला में 260 परमाणु बम फटने जितना ‘जुड़वा भूकंप’ क्या? आखिर जमीन के नीचे चल क्या रहा?

वेनेजुएला में 260 परमाणु बम फटने जितना ‘जुड़वा भूकंप’ क्या? आखिर जमीन के नीचे चल क्या रहा?


24 जून 2026 शाम 6:04 बजे… वेनेजुएला की धरती अचानक जोर से कांप उठी. लोग संभलते तभी महज 38 सेकेंड बाद एक और उससे भी तेज झटका आया. पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था औऱ दूसरा 7.5 तीव्रता का. इन झटकों ने पूरे शहर को 60 सेकेंड तक हिलाकर रख दिया. यह ‘अर्थक्वेक डबलट’ यानी जुड़वा भूकंप था. यह वेनेजुएला में पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप है. अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, 10,000 से 100,000 लोगों के मारे जाने की आशंका है. आखिर क्या होता है जुड़वा भूकंप और वेनेजुएला की ताजा अपडेट्स क्या हैं…

वेनेजुएला में तबाही का मौजूदा मंजर क्या है?

वेनेजुएला में:

  • कराकस में कई बड़ी इमारतें मलबे के ढेर में बदल गईं.
  • राजधानी से करीब 30 किलोमीटर उत्तर में अकेले 30 से ज्यादा इमारतें ढह गईं.
  • माइक्वेटिया इंटरनेशनल एयरपोर्ट की छत का बड़ा हिस्सा गिर गया.
  • कराकस के पास पहाड़ों में लैंडस्लाइड भी हुआ.

सूनामी की चेतावनी और जापान तक हिला

अमेरिकी सूनामी चेतावनी सिस्टम ने कैरेबियन क्षेत्र के तटीय इलाकों के लिए सूनामी की चेतावनी जारी की. वेनेजुएला के तट और आसपास अरूबा, बोनायर और कुराकाओ द्वीपों के लिए खतरे की घंटी बजाई गई.

इसी दौरान जापान में भी 6.9 तीव्रता का भूकंप आया. कैलिफोर्निया में भी 5.6 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया. यानी 24 घंटे के भीतर तीन महाद्वीपों में तीन बड़े भूकंप आए.

वेनेजुएला सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लगी पाबंदी हटा ली. लोग गुमशुदा परिजनों की तलाश के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं.

इस आपदा में अभी तक कितनी मौतें हुईं?

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अनुमान के मुताबिक, 188 मौतें दर्ज की गई हैं. कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने 164 मौतों और 971 घायलों की पुष्टि की. AP न्यूज के मुताबिक, यह संख्या 188 मौतें और 1,520 घायल है. हालांकि, USGS ने मौतों का अंदाजा 10 हजार से 1 लाख तक भी लगाया है. मौतें बढ़ सकती हैं, क्योंकि:

  • भूकंप छुट्टी के दिन आया, इसलिए ज्यादातर लोग घरों में थे.
  • उथला फोकस और दोहरे झटके ने ज्यादा इमारतों को ढहाया.
  • वेनेजुएला पहले से ही आर्थिक संकट में है, इसलिए कई इमारतें भूकंपरोधी नहीं हैं.
  • 30 आफ्टरशॉक आए, जिनसे और नुकसान हुआ.

तीन फॉल्ट लाइनों का जंक्शन ‘फॉल्ट ट्रिपल जंक्शन’

वेनेजुएला दुनिया के सबसे भूकंप-संवेदनशील इलाकों में से एक है. यहां कैरेबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों के बीच की सीमा है. कैरेबियन प्लेट हर साल करीब 2 सेंटीमीटर पूर्व की ओर खिसकती है, जबकि दक्षिण अमेरिकी प्लेट उलटी दिशा में जाती है. इसी टकराव और रगड़ से धीरे-धीरे एनर्जी जमा होती रहती है.

यह भूकंप तीन बड़ी फॉल्ट लाइनों ओका-एनकॉन, एल पिलर और बोकोन फॉल्ट के मिलने वाले पॉइंट पर आया. यानी तीन अलग-अलग दरारें एक साथ टूटीं और बहुत ज्यादा एनर्जी रिलीज हुई.

‘जुड़वा भूकंप’ क्यों खास है?

आमतौर पर एक बड़े भूकंप के बाद छोटे-छोटे आफ्टरशॉक आते हैं, लेकिन जुड़वा भूकंप में दोनों झटकों की तीव्रता लगभग बराबर होती है. एक फॉल्ट लाइन से एनर्जी रिलीज होने के बाद वहां दबाव कम हो जाता है, इसलिए दोबारा इतनी तेज एनर्जी निकलना बहुत दुर्लभ है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 7.2 तीव्रता का पहला झटका 7.5 तीव्रता के दूसरे झटके का ‘प्रोपेलर’ (धक्का देने वाला) बना. जियोलॉजिस्ट एडुआर्डो मालाग्निनो के मुताबिक, 7.5 तीव्रता के इस भूकंप ने करीब 260 परमाणु बमों के बराबर एनर्जी रिलीज की.

वेनेजुएला सरकार और दुनिया ने क्या कहा?

कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया. ला गुआरा क्षेत्र सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ. इसके अलावा:

  • IMF ने 200 मिलियन डॉलर का आपातकालीन कोष बनाया.
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मदद भेजने का वादा किया.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मदद की पेशकश की.
  • कई देशों ने रेस्क्यू टीमें और राहत सामग्री भेजी.

तो क्या भूकंप की तबाही थम जाएगी?

वैज्ञानिकों का मानना है कि तीन फॉल्ट लाइनों के जंक्शन पर एनर्जी का पूरा दबाव खत्म नहीं हुआ है. आने वाले दिनों और हफ्तों में और झटके आ सकते हैं.

वेनेजुएला पहले से ही गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट में है. ऐसे में इमारतों, सड़कों, एयरपोर्ट और अस्पतालों को दोबारा बनाने में सालों लग सकते हैं. IMF का 200 मिलियन डॉलर का कोष शायद शुरुआत भर है.



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