शताब्दी पुराने सेवा दल के नए चीफ ऑर्गेनाइजर बीवी श्रीनिवास, कांग्रेस ने क्यों सौंपी जिम्मेदारी?

शताब्दी पुराने सेवा दल के नए चीफ ऑर्गेनाइजर बीवी श्रीनिवास, कांग्रेस ने क्यों सौंपी जिम्मेदारी?


कांग्रेस ने अपने 102 साल पुराने स्वयंसेवी संगठन सेवा दल को नई दिशा देने की कवायद शुरू कर दी है. पार्टी नेतृत्व ने 45 साल के युवा बीवी श्रीनिवास को संगठन का चीफ ऑर्गेनाइजर की जिम्मेदारी देकर सबको चौंका दिया है. संगठन के भीतर इस नियुक्ति को सिर्फ एक पदस्थापना नहीं, बल्कि सेवा दल के पुनर्गठन और उसमें फिर से ऑक्सीजन भरने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.

बी. वी. श्रीनिवास इससे पहले भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं. कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई थी. ऑक्सीजन, अस्पताल के बेड और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के अभियान के कारण उन्हें कई लोग ‘ऑक्सीजन मैन’ के नाम से भी जानते हैं.

सेवा दल को फिर सक्रिय करने की तैयारी

कांग्रेस के सबसे पुराने और प्रमुख विभागों में शामिल सेवा दल पिछले कुछ वर्षों से अपेक्षाकृत कम सक्रिय दिखाई दे रहा था. पार्टी सूत्रों के अनुसार अब राहुल गांधी चाहते हैं कि सेवा दल को दोबारा मजबूत किया जाए, ताकि कांग्रेस की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाया जा सके और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जा सके. इसी रणनीति के तहत संगठनात्मक अनुभव रखने वाले बी. वी. श्रीनिवास को यह जिम्मेदारी दी गई है. श्रीनिवास वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और गुजरात के सह-प्रभारी भी हैं. संगठन के भीतर उन्हें मजबूत रणनीतिकार और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ काम करने वाले नेता के रूप में देखा जाता है.

क्रिकेट से राजनीति तक का सफर

बहुत कम लोग जानते हैं कि बी. वी. श्रीनिवास का शुरुआती सपना क्रिकेट में देश का प्रतिनिधित्व करना था. लेकिन कर्नाटक में अंडर-17 क्रिकेट खेलते समय उनकी आंख में गेंद लग गई. सर्जरी के बाद उन्हें क्रिकेट छोड़ना पड़ा. इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन और राजनीति का रास्ता चुना, जहां उन्होंने संगठनात्मक राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई.

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संगठन में दो दशक का सफर

बी. वी. श्रीनिवास का संगठनात्मक सफर कॉलेज अध्यक्ष से शुरू होकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और अब सेवा दल के चीफ ऑर्गेनाइज़र तक पहुंचा है.

  • कॉलेज अध्यक्ष (2005)
  • ब्लॉक अध्यक्ष, युवा कांग्रेस (2006)
  • जिला युवा कांग्रेस महासचिव (2008–2011)
  • प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव (2009–2012)
  • प्रोबेशनरी राष्ट्रीय पदाधिकारी, युवा कांग्रेस (2011–2013)
  • सदस्य, IYC चुनाव प्राधिकरण (2013–2014)
  • राष्ट्रीय सचिव, युवा कांग्रेस (2014–2017)
  • राष्ट्रीय महासचिव, युवा कांग्रेस (2017–2018)
  • राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, युवा कांग्रेस (2018–2019)
  • राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा कांग्रेस (2019–2025)
  • राष्ट्रीय सचिव, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (2025–वर्तमान)
  • चीफ ऑर्गेनाइजर, कांग्रेस सेवा दल (वर्तमान)

क्यों अहम है सेवा दल?

1920 के दशक में स्थापित सेवा दल ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसके स्वयंसेवकों ने सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया, कांग्रेस की सभाओं और जुलूसों का संचालन किया तथा अहिंसा के सिद्धांतों के साथ आंदोलन को संगठित किया. अनेक स्वयंसेवक ब्रिटिश शासन के दौरान जेल भी गए.

आजादी के बाद सेवा दल कांग्रेस के कैडर निर्माण का प्रमुख आधार बना. संगठन ने कार्यकर्ताओं को अनुशासन, जनसेवा और नेतृत्व का प्रशिक्षण दिया, चुनावी अभियानों, यात्राओं, जनसभाओं और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सेवा दल का मूल मंत्र ‘स्वयं से पहले सेवा’ (Service Before Self) रहा है. कांग्रेस के भीतर माना जा रहा है कि सेवा दल को दोबारा मजबूत करने की यह पहल आने वाले समय में संगठन के जमीनी विस्तार और वैचारिक प्रशिक्षण की रणनीति का अहम हिस्सा हो सकती है.

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