Sesame Farming Tips: किसान अक्सर किसी ऐसी फसल की तलाश में रहते हैं जो कम समय और कम लागत में अच्छा मुनाफा दे सके. अगर आप भी ऐसी कोई फसल ढूंढ रहे हैं तो फिर तिल की खेती आपके लिए सबसे बढ़िया है. इस खेती में अक्सर किसान पारंपरिक बीजों का इस्तेमाल करते हैं. जिससे मेहनत के बावजूद वैसी पैदावार नहीं मिल पाती जैसी मिलनी चाहिए.
लेकिन आप इस सीजन में तिल की खेती से बंपर कमाई करना चाहते हैं. तो कृषि वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई कुछ खास वैरायटी ऐसी हैं जो न सिर्फ बीमारियों से लड़ने में सक्षम हैं बल्कि उनका प्रोडक्शन भी आम बीजों के मुकाबले कहीं ज्यादा होता है. चलिए आपको बताते हैं तिल की उन टॉप वैरायटीज के बारे में जो इस बार आपकी किस्मत बदल सकती हैं.
आरटी-351 और टीकेजी-22 बंपर पैदावार देने वाली किस्में
तिल की उन्नत किस्मों की बात करें तो सबसे पहला नाम आता है आरटी-351 का. यह वैरायटी कम समय में पककर तैयार हो जाती है और इसके दानों में तेल की मात्रा काफी अच्छी होती है. यह सूखा सहन करने में भी काफी मददगार साबित होती है. इसके बाद नंबर आता है टीकेजी-22 वैरायटी का.
यह किस्म खास तौर पर मध्य और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए बहुत परफेक्ट मानी जाती है. इसमें जड़ सड़न और झुलसा रोग जैसी घातक बीमारियों से लड़ने की गजब की क्षमता होती है. इन दोनों ही किस्मों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनकी फलियां एक साथ पकती हैं. जिससे फसल की कटाई के समय दानों के खेत में झड़ने का नुकसान बहुत कम होता है.
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शेखर और जेटीएस-8 से रिकॉर्डतोड़ मुनाफा
लिस्ट में तीसरी बेहतरीन वैरायटी है शेखर. इस किस्म के पौधे काफी मजबूत होते हैं और इनकी शाखाएं अच्छी निकलती हैं. जिससे प्रति पौधा फलियों की संख्या बढ़ जाती है और सीधे पैदावार में इजाफा होता है. वहीं चौथी और बेहद लोकप्रिय वैरायटी है जेटीएस-8. यह वैरायटी अपने चमकीले सफेद दानों और बेहतरीन क्वालिटी के तेल के लिए जानी जाती है.
मार्केट में इस किस्म के तिल के दाम बाकी सामान्य तिल के मुकाबले काफी ज्यादा मिलते हैं. इन दोनों ही वैरायटी को लगाकर किसान बहुत ही कम पानी और खाद के इस्तेमाल से प्रति एकड़ रिकॉर्डतोड़ मुनाफा कमा सकते हैं. बुवाई से पहले बीजों का उपचार जरूर करें जिससे फसल बिल्कुल सुरक्षित रहे.
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