सबसे पहली और जरूरी बात है नर्सरी में तैयार पौधों की उम्र. धान की रोपाई के लिए हमेशा 21 से 25 दिन पुरानी पौध को ही सबसे बेस्ट माना जाता है. अगर पौध इससे ज्यादा पुरानी हो जाती है. तो खेत में लगाने के बाद उसमें कल्ले कम निकलते हैं. जिससे सीधे आपकी पैदावार पर बुरा असर पड़ता है.

इसके अलावा पौध उखाड़ने से ठीक एक दिन पहले नर्सरी में हल्का पानी जरूर लगा देना चाहिए. ऐसा करने से मिट्टी पूरी तरह से मुलायम हो जाती है. और जब आप पौधे उखाड़ते हैं तो उनकी जड़ें टूटती नहीं हैं. सुरक्षित जड़ों वाले पौधे नए खेत में बहुत जल्दी और आसानी से अपनी पकड़ बना लेते हैं.

धान की रोपाई से पहले खेत की तैयारी जरूरी है. रोपाई से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करके उसमें पाटा लगाना बहुत जरूरी है जिससे जमीन पूरी तरह समतल हो जाए. इसके बाद खेत में पानी भरकर पडलिंग जरूर करें. यह प्रोसेस खेत में पानी रोकने की क्षमता को बढ़ाती है और खरपतवार को उगने से रोकती है.

इसके अलावा जो बात अक्सर किसान भूल जाते हैं वह है पौधों का उपचार. रोपाई करने से ठीक पहले उखाड़े गए पौधों की जड़ों को किसी अच्छे फंगीसाइड और इंसेक्टिसाइड के घोल में कम से कम 20 से 30 मिनट के लिए डुबोकर रखें. ऐसा करने से फसल की शुरुआती स्टेज में फंगस और कीड़ों का खतरा बिल्कुल खत्म हो जाता है.

सबसे आखिरी बात है रोपाई के समय पौधों के बीच की सही दूरी. आपको कतार से कतार की दूरी करीब 20 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर रखनी चाहिए. एक जगह पर हमेशा दो से तीन पौधे ही लगाएं. और ध्यान रहे कि रोपाई के समय खेत में बहुत ज्यादा गहरा पानी नहीं भरा होना चाहिए.

अगर आप इन पांचों बातों को ध्यान में रखकर इस बार धान की रोपाई का काम शुरू करते हैं. तो आपकी लागत में भारी कमी आएगी और पौधों की ग्रोथ भी बहुत शानदार होगी. सही तकनीक और थोड़ी सी सावधानी आपको इस सीजन में धान की फसल से तगड़ा मुनाफा और बंपर पैदावार दिलाएगी.
Published at : 07 Jul 2026 04:52 PM (IST)






