देश में NEET पेपर लीक मामले को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है. इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने UGC-NET परीक्षा को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए परीक्षा प्रक्रिया और सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि पिछले सप्ताह आयोजित UGC-NET परीक्षा से जुड़े जो आरोप सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं. उन्होंने दावा किया कि NEET पेपर लीक विवाद के कुछ ही हफ्तों बाद अब UGC-NET परीक्षा को लेकर भी गंभीर जानकारी सामने आ रही है.
पोस्ट में राहुल गांधी ने क्या कहा?
अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक पीडीएफ प्रसारित की गई थी. उनका कहना है कि यह पीडीएफ उस प्रश्नपत्र सेटिंग से जुड़ी थी, जिसकी जानकारी केवल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के पास होती है. उन्होंने दावा किया कि इस पीडीएफ में मौजूद लगभग 90 सवाल UGC-NET के वास्तविक समाजशास्त्र (Sociology) प्रश्नपत्र में पूछे गए सवालों से मेल खाते हैं. राहुल गांधी के अनुसार, यही प्रश्नपत्र बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में करीब 2.25 लाख रुपये में बेचा जा रहा था.
कांग्रेस नेता ने कैसे आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि इसी नेटवर्क ने CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा भी किया था. उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं तो यह देश की परीक्षा प्रणाली के लिए बेहद गंभीर मामला है. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि NEET और NET जैसी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे विवादों के बावजूद सरकार कोई ठोस कदम उठाती नजर नहीं आ रही है. उनके अनुसार, लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य पर सवाल खड़े कर देती हैं.
राहुल गांधी की छात्रों से अपील
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की मेहनत और उनके भविष्य को लेकर सरकार गंभीर दिखाई नहीं दे रही है. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि लोगों को प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से जवाबदेही या त्वरित कार्रवाई की उम्मीद नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि न तो निष्पक्ष जांच होगी और न ही छात्रों को जल्द न्याय मिलेगा. अपने मैसेज के आखिर में राहुल गांधी ने छात्रों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि बदलाव लाने का सबसे बड़ा माध्यम छात्रों और युवाओं की सामूहिक आवाज है. उनका मानना है कि देशभर के छात्रों की एकजुट मांग ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बड़े बदलाव का रास्ता तैयार कर सकती है.
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