मदन मित्रा ने छोड़ा ममता का साथ तो भड़की महुआ मोइत्रा; जानें अभिषेक को लेकर क्या बोले बागी MLA

मदन मित्रा ने छोड़ा ममता का साथ तो भड़की महुआ मोइत्रा; जानें अभिषेक को लेकर क्या बोले बागी MLA


पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी को बुधवार (15 जुलाई, 2026) को एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है. बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से उनकी पार्टी में फूट पड़ रही है. इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा भी ममता बनर्जी का साथ छोड़कर ऋतब्रत बनर्जी के बागी टीएमसी गुट में शामिल हो गए हैं. वहीं, ममता बनर्जी की सहयोगी और लोकसभा में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मदन मित्रा के ऋतब्रत बनर्जी के साथ जाने को लेकर कड़ी टिप्पणी की है.

मदन मित्रा को लेकर क्या बोलीं महुआ मोइत्रा?

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने बुधवार (15 जुलाई, 2026) को न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘मदन मित्रा का ऋतब्रत बनर्जी के बागी गुट के साथ जाना कोई हैरानी की बात नहीं है. कल मंगलवार (14 जुलाई, 2026) को मदन मित्रा की पत्नी, बहुओं और बेटों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तलब किया था, तो वे ईडी की बुलावे पर गए हैं. तो अब हमें यह समझना चाहिए कि जो आदमी परसों तक ऋतब्रत गैंग को गाली दे रहा था, वो आज अचानक वहां जाकर ऋतब्रत के बगल में बैठ रहा है.’ 

उन्होंने कहा, ‘यह ईडी के खास बुलावे पर किया गया है, इसलिए हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं. हम उनके अच्छे भाग्य और अच्छी सेहत की कामना करते हैं. ऋतब्रत गैंग के साथ काम करने में उनका अच्छा समय बीते.’

ममता बनर्जी का साथ छोड़ने पर बोले मदन मित्रा

वहीं, दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) बागी विधायकों में शामिल हो चुके मदन मित्रा ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि अब तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व संगठन को मजबूत करने के बजाय सिर्फ और सिर्फ ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को प्रमोट करने पर फोकस करते हुए काम कर रहा है. 

उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ‘मैंने ममता बनर्जी के तृणमूल कांग्रेस (TMC) से इसलिए इस्तीफा दिया, क्योंकि अब मैं वहां पूरी ताकत के साथ काम नहीं कर पा रहा था. मैंने उन सभी समितियों के पदों से इस्तीफा दे दिया, जिसका मैं सदस्य रहा.’

अभिषेक बनर्जी पर मदन मित्रा का बड़ा आरोप

मदन मित्रा ने कहा, ‘ममता बनर्जी के लंबे वक्त से सहयोगी रहने वाले लोग मेरे हिसाब से इसलिए उनका साथ छोड़कर जा रहे हैं, क्योंकि अब पार्टी नेतृत्व संगठन को मजबूत करने के बजाए सिर्फ अभिषेक बनर्जी के प्रमोशन पर फोकस कर रही है. टीएमसी सिर्फ एक व्यक्ति की तो पार्टी है नहीं, ऐसे में मैंने कई मौकों पर ममता बनर्जी के सामने इन मुद्दों को उठाया, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि अभिषेक बनर्जी ये चाहते हैं कि कोई भी फैसला सिर्फ उनके शर्तों और नियमों के मुताबिक बने. इसके अलावा वो किसी और को महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नहीं देखना चाहते हैं और मुझे लगता है कि इसका नतीजा यह है कि पार्टी कमजोर हो रही है.’ 

यह भी पढ़ेंः पत्नी को ED समन के एक दिन बाद करीबी मदन मित्रा ने छोड़ा ममता बनर्जी का साथ, जानें BJP ने क्या कहा





Source link