‘अगर पुराना कानून सफल था तो..’, महुआ मोइत्रा ने सरकार को घेरा

‘अगर पुराना कानून सफल था तो..’, महुआ मोइत्रा ने सरकार को घेरा


लोकसभा में एंटी-पेपर लीक (संशोधन) बिल 2026 को पास किए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह स्थिति अपने आप में एक मजाक जैसी है क्योंकि इसी सदन ने वर्ष 2024 में भी इसी विषय से जुड़ा कानून पारित किया था, लेकिन वह प्रभावी साबित नहीं हुआ. उनके अनुसार, यदि 2024 का कानून सही तरीके से काम करता तो सरकार को 2026 में फिर से संशोधन लाने की जरूरत नहीं पड़ती.

महुआ मोइत्रा ने कहा कि विपक्ष ने इस बिल का विरोध नहीं किया क्योंकि यह छात्रों और युवाओं के हित से जुड़ा मामला है. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी और विपक्ष ने पहले ही साफ कर दिया था कि बच्चों और छात्रों के भविष्य से जुड़े किसी भी कदम का समर्थन किया जाएगा.

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राहुल गांधी के भाषण का जिक्र

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के सामने कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे रखे गए थे. उनके अनुसार, छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस ली जानी चाहिए. इसके अलावा दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों पर प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर की गई सख्त कार्रवाई और बल प्रयोग को लेकर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए थी. उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आकर इस पूरे मामले पर बयान दें. महुआ मोइत्रा ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब सदन में अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए तो उन्हें अपनी बात पूरी करने का अवसर नहीं दिया गया. उनके मुताबिक राहुल गांधी किसी विशेष व्यक्ति को नहीं, बल्कि लोगों के एक समूह के बारे में टिप्पणी कर रहे थे, लेकिन सत्ता पक्ष ने उनके बयान का गलत अर्थ निकाला.

राहुल गांधी को  बात पूरी करने का मौका नहीं दिया गया- महुआ मोइत्रा

महुआ मोइत्रा  ने कहा कि राहुल गांधी को अपनी बात पूरी करने का मौका नहीं दिया गया और उनके भाषण के दौरान लगातार हंगामा किया गया. महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि सदन में शोर-शराबे और व्यवधान के कारण महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा नहीं हो सकी. TMC सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में हर पक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की बात सुनने के बजाय लगातार व्यवधान पैदा किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है.

लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है पेपर लीक का मुद्दा

महुआ मोइत्रा ने दोहराया कि पेपर लीक का मुद्दा देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और इस पर राजनीति से ऊपर उठकर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी. उनके अनुसार, केवल कानून में संशोधन करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जवाबदेही तय करने और छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर भी चर्चा जरूरी है.

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