सावन महीने के मंगलवार को रखा जाने वाला मंगला गौरी व्रत इस वर्ष 4 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा. मान्यता है कि इस दिन मां गौरी की पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख, सौभाग्य और समृद्धि बनी रहती है.

मंगला गौरी व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाएं रखती हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत से पति की लंबी आयु, परिवार में खुशहाली और वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है.

पूजा में लाल चुनरी, श्रृंगार का सामान, लाल फूल, अक्षत, रोली, हल्दी, नारियल, फल और मिठाई अर्पित करें. श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है.

मंगला गौरी की पूजा प्रातः स्नान के बाद या शाम के समय शुभ मुहूर्त में की जा सकती है। पूजा के दौरान मां गौरी के मंत्रों का जाप और व्रत कथा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है.

पूजा के दिन क्रोध, झूठ और किसी का अपमान करने से बचें. सात्विक भोजन करें और मन, वचन व कर्म से पवित्र रहने का प्रयास करें। व्रत के नियमों का पालन श्रद्धा के साथ करें.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगला गौरी व्रत करने से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है, परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सौभाग्य में वृद्धि होती है. यह आस्था और श्रद्धा का पर्व है, इसलिए इसके फल को धार्मिक विश्वास के रूप में ही देखा जाता है.
Published at : 03 Aug 2026 12:17 PM (IST)






