Mushroom Farming Subsidy: अगर आप कम लागत और कम जमीन में कोई मुनाफे वाला बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो मशरूम की खेती आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है. उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत मशरूम की खेती पर 40 से 50 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी दे रही है.
आपको जानकर हैरानी होगी कि इस योजना और किसानों की मेहनत की वजह से आज उत्तर प्रदेश देश का नंबर-1 मशरूम उत्पादक राज्य बन चुका है. सरकार की प्राथमिकता किसानों की उपज का संरक्षण, मूल्य संवर्धन तथा बेहतर विपणन सुनिश्चित करना है, जिससे उन्हें उनकी उपज का अधिकतम लाभ मिल सके.
मशरूम की खेती के फायदे
मशरूम की खेती का एक फायदा यह है कि यह फसल मात्र 3 से 4 हफ्तों में तैयार हो जाती है. बाजार में मशरूम की मांग हमेशा बहुत ज्यादा रहती है, जिससे आपको अपनी लागत पर बहुत अच्छा मुनाफा मिलता है. ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं भी इससे जुड़कर बड़े पैमाने पर आत्मनिर्भर बन रही हैं.
किसे कितनी मिलेगी सब्सिडी
उत्तर प्रदेश सरकार अलग-अलग तरह की मशरूम यूनिट लगाने के लिए अलग-अलग सब्सिडी दे रही है. यदि आप छोटे स्तर पर शुरुआत करना चाहते हैं, तो 200 वर्ग फुट की छप्पर आधारित मशरूम यूनिट लगाने पर सरकार 50% की सब्सिडी देती है. इसके लिए सरकार की तरफ से अधिकतम 1 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाती है. यदि आप मशरूम उत्पादन के साथ-साथ उसका कंपोस्ट खाद और बीज बनाने की बड़ी यूनिट लगाते हैं, तो ऐसे में सरकार कुल लागत पर 40% का अनुदान देती है. विभाग के नियमों के अनुसार, एक अकेला व्यक्ति अधिकतम 5 यूनिट्स के लिए इस सब्सिडी का लाभ उठा सकता है.
सब्सिडी के लिए जरुरी दस्तावेज
अगर आप इस सरकारी योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, जमीन के जरूरी कागजात खतौनी या लीज एग्रीमेंट, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर जैसे जरुरी दस्तावेज चाहिए होते हैं.
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कैसे करें आवेदन?
यूपी सरकार की इस योजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया बेहद आसान और ऑनलाइन है. सबसे पहले आपको उत्तर प्रदेश के Department of Horticulture की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा. वेबसाइट पर जाकर किसान पंजीकरण या एकीकृत बागवानी विकास मिशन वाले विकल्प पर क्लिक करें. वहां दिए गए फॉर्म में अपनी सभी जरूरी जानकारियां जैसे नाम, पता, जमीन की डिटेल बिल्कुल सही-सही भरें. मांगे गए सभी दस्तावेजों आधार, बैंक डिटेल आदि को स्कैन करके ऑनलाइन अपलोड कर दें और फॉर्म सबमिट करें. यदि आप ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं, तो अपने जिले के District Horticulture Officer के दफ्तर में जाकर सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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