किचन गार्डन में ऐसे उगाएं लेमनग्रास, महक उठेगी सुबह की चाय

किचन गार्डन में ऐसे उगाएं लेमनग्रास, महक उठेगी सुबह की चाय


लेमनग्रास उगाने के लिए आपको ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ती. आप इसे पास की किसी भी नर्सरी से छोटा पौधा लाकर या फिर मार्केट से लेमनग्रास की डंडी खरीदकर भी लगा सकते हैं. डंडी के नीचे का हिस्सा पानी में कुछ दिन रखने पर जब जड़ें निकल आएं तब इसे मिट्टी में रोपें.

इस पौधे को लगाने के लिए सही गमले का चुनाव बहुत जरूरी है. लेमनग्रास तेजी से फैलती है और इसकी जड़ें गहरी होती हैं. इसलिए कम से कम 10 से 12 इंच का चौड़ा और गहरा गमला चुनें. गमले के नीचे एक ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए ताकि फालतू पानी आसानी से बाहर निकल सके.

इस पौधे को लगाने के लिए सही गमले का चुनाव बहुत जरूरी है. लेमनग्रास तेजी से फैलती है और इसकी जड़ें गहरी होती हैं. इसलिए कम से कम 10 से 12 इंच का चौड़ा और गहरा गमला चुनें. गमले के नीचे एक ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए ताकि फालतू पानी आसानी से बाहर निकल सके.

गमले के लिए अच्छी और उपजाऊ मिट्टी तैयार करना बहुत सरल है. इसके लिए सामान्य बगीचे की मिट्टी में बराबर मात्रा में गोबर की सड़ी खाद या वर्मीकंपोस्ट और थोड़ी सी रेत मिला लें. रेत मिलाने से मिट्टी भुरभुरी रहती है और जड़ों में पानी नहीं ठहरता जिससे पौधा हमेशा हरा-भरा और स्वस्थ बना रहता है.

गमले के लिए अच्छी और उपजाऊ मिट्टी तैयार करना बहुत सरल है. इसके लिए सामान्य बगीचे की मिट्टी में बराबर मात्रा में गोबर की सड़ी खाद या वर्मीकंपोस्ट और थोड़ी सी रेत मिला लें. रेत मिलाने से मिट्टी भुरभुरी रहती है और जड़ों में पानी नहीं ठहरता जिससे पौधा हमेशा हरा-भरा और स्वस्थ बना रहता है.

लेमनग्रास को अच्छी धूप बेहद पसंद होती है. इसलिए अपने गमले को बालकनी या छत के ऐसे कोने में रखें जहां रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप आती हो. पर्याप्त धूप मिलने से इसकी पत्तियों में नींबू जैसी प्राकृतिक सुगंध और तेल की मात्रा बहुत बढ़िया तरीके से विकसित होती है.

लेमनग्रास को अच्छी धूप बेहद पसंद होती है. इसलिए अपने गमले को बालकनी या छत के ऐसे कोने में रखें जहां रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप आती हो. पर्याप्त धूप मिलने से इसकी पत्तियों में नींबू जैसी प्राकृतिक सुगंध और तेल की मात्रा बहुत बढ़िया तरीके से विकसित होती है.

पौधे को पानी देते समय थोड़ा संतुलन बनाए रखना जरूरी है. मिट्टी में हमेशा हल्की नमी रहनी चाहिए, लेकिन ध्यान रखें कि गमले में कीचड़ न बने. जब भी गमले की ऊपरी मिट्टी हल्की सूखी लगे, तभी पानी डालें. जरूरत से ज्यादा पानी देने से इसकी नाजुक जड़ें गलकर खराब हो सकती हैं.

पौधे को पानी देते समय थोड़ा संतुलन बनाए रखना जरूरी है. मिट्टी में हमेशा हल्की नमी रहनी चाहिए, लेकिन ध्यान रखें कि गमले में कीचड़ न बने. जब भी गमले की ऊपरी मिट्टी हल्की सूखी लगे, तभी पानी डालें. जरूरत से ज्यादा पानी देने से इसकी नाजुक जड़ें गलकर खराब हो सकती हैं.

पौधे की तेज ग्रोथ के लिए हर महीने थोड़ी सी ऑर्गेनिक खाद डालते रहें. इसके लिए गोबर की खाद, कंपोस्ट या चायपत्ती की खाद सबसे बेहतरीन रहती है. किसी भी तरह के केमिकल फर्टिलाइजर के इस्तेमाल से बचें क्योंकि इन पत्तियों का इस्तेमाल हम सीधे अपनी रोजमर्रा की चाय और काढ़े में करते हैं.

पौधे की तेज ग्रोथ के लिए हर महीने थोड़ी सी ऑर्गेनिक खाद डालते रहें. इसके लिए गोबर की खाद, कंपोस्ट या चायपत्ती की खाद सबसे बेहतरीन रहती है. किसी भी तरह के केमिकल फर्टिलाइजर के इस्तेमाल से बचें क्योंकि इन पत्तियों का इस्तेमाल हम सीधे अपनी रोजमर्रा की चाय और काढ़े में करते हैं.

लगभग दो से तीन महीने के अंदर लेमनग्रास की पत्तियां हरी-भरी और घनी होकर तैयार हो जाती हैं. जब भी चाय बनानी हो पौधे के निचले हिस्से से कैंची की मदद से कुछ ताजी पत्तियां काट लें. ताजी पत्तियों को काटकर इस्तेमाल करने से पौधे में नई शाखाएं और ज्यादा तेजी से निकलती हैं.

लगभग दो से तीन महीने के अंदर लेमनग्रास की पत्तियां हरी-भरी और घनी होकर तैयार हो जाती हैं. जब भी चाय बनानी हो पौधे के निचले हिस्से से कैंची की मदद से कुछ ताजी पत्तियां काट लें. ताजी पत्तियों को काटकर इस्तेमाल करने से पौधे में नई शाखाएं और ज्यादा तेजी से निकलती हैं.

लेमनग्रास की चाय पाचन सुधारने, वजन कंट्रोल करने और तनाव दूर भगाने में कमाल का असर दिखाती है. इसके अलावा इसकी खुशबू से घर के आसपास मच्छर और मक्खियां भी नहीं फटकते. तो देर किस बात की, आज ही अपने किचन गार्डन में लेमनग्रास लगाएं और हर दिन रिफ्रेशिंग चाय का मजा लें.

लेमनग्रास की चाय पाचन सुधारने, वजन कंट्रोल करने और तनाव दूर भगाने में कमाल का असर दिखाती है. इसके अलावा इसकी खुशबू से घर के आसपास मच्छर और मक्खियां भी नहीं फटकते. तो देर किस बात की, आज ही अपने किचन गार्डन में लेमनग्रास लगाएं और हर दिन रिफ्रेशिंग चाय का मजा लें.

Published at : 11 Aug 2026 03:12 PM (IST)

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