अगर आपने फसल का बीमा कराया था और नुकसान के बाद भी पैसा नहीं मिला है. तो सबसे पहले अपनी पॉलिसी और नुकसान की जानकारी चेक करें. कई मामलों में किसान को यह पता ही नहीं होता कि क्लेम दर्ज हुआ है या नहीं. इसलिए बैंक, संबंधित बीमा कंपनी और स्थानीय कृषि विभाग से जानकारी लेनी चाहिए

फसल नुकसान की जानकारी समय पर देना भी बेहद जरूरी होता है. प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने के बाद किसान को तय समय के भीतर इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों और बीमा कंपनी तक पहुंचानी होती है. देरी होने पर नुकसान का आकलन प्रभावित हो सकता है. इसलिए शिकायत करने से पहले अपनी सूचना दर्ज होने की स्थिति जरूर जांच लें.

अगर बीमा कंपनी ने सर्वे किया है लेकिन भुगतान नहीं आया. तो क्लेम का स्टेटस पूछें. कंपनी से क्लेम नंबर, सर्वे रिपोर्ट और भुगतान में देरी की वजह जानना जरूरी है. बातचीत के दौरान आपको जो जानकारी मिली है उसको संभालकर रखना जरूरी है. जरूरत पड़ने पर यही जानकारी आपको आगे शिकायत करते वक्त काम आ सकती है.

image कई बार बैंक से जुड़ी वजहों से भी बीमा की रकम खाते में नहीं पहुंचती. किसान अपने बैंक खाते की जानकारी, आधार लिंकिंग और बैंक रिकॉर्ड जरूर जांच लें. अगर बीमा की रकम स्वीकृत हो चुकी है लेकिन खाते में नहीं आई तो बैंक से भी इसकी वेरिफिकेशन करें. सिर्फ बीमा कंपनी से जवाब मिलने का इंतजार न करें.

अगर बीमा कंपनी से काॅन्टेक्ट करने के बाद भी समस्या हल नहीं होती. तो किसान जिला स्तर पर कृषि विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं. अपने साथ बीमा की रसीद, प्रीमियम की जानकारी, फसल और नुकसान से जुड़े दस्तावेज लेकर जाएं. लिखित शिकायत देने पर उसकी रसीद या शिकायत नंबर जरूर लें.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत शिकायतों के लिए संबंधित शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है. किसान अपने राज्य में उपलब्ध आधिकारिक माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं. ऑनलाइन शिकायत की सुविधा उपलब्ध होने पर वहां क्लेम से जुड़ी जानकारी और जरूरी दस्तावेज जमा किए जा सकते हैं. शिकायत नंबर संभालकर जरूर रखें.

अगर लोकर स्तर पर शिकायत के बाद भी समाधान नहीं मिलता तो किसान मामले को आगे के स्तर पर ले जा सकते हैं. राज्य की शिकायत व्यवस्था, संबंधित विभाग या बीमा कंपनी के उच्च अधिकारी तक मामला पहुंचाया जा सकता है. हर शिकायत के साथ पुराने आवेदन और मिले हुए जवाब की कॉपी लगाना बेहतर रहेगा.

सबसे जरूरी बात यह है कि किसान शिकायत करते समय सिर्फ यह न लिखें कि पैसा नहीं आया. आवेदन में पॉलिसी नंबर, फसल, नुकसान की तारीख, क्लेम की जानकारी और अब तक हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी दें. जितनी सही और ज्यादा जानकारी होगी मामले की जांच उतनी आसानी से हो सकेगी और जल्दी पैसे मिलने के चांस बढ़ जाएंगे.
Published at : 15 Aug 2026 01:49 PM (IST)






