अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में मचे बवाल पर तंज कसते हुए कहा कि यह देश क्रांतियों के लिए एक आदर्श जगह है, क्योंकि वहां बढ़ती महंगाई को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन पुलिस के साथ झड़पों, बड़े पैमाने पर लूटपाट और आगजनी में बदल गए हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देश के हालात पर कटाक्ष करते हुए कहा, “चलो फ्रांस चलते हैं? यह बहुत प्यारी जगह है. वहां कोई दंगे नहीं होते, कोई क्रांति नहीं होती. वैसे, फ्रांस तो क्रांतियों के लिए एकदम बेहतरीन जगह लगती है. यकीन ही नहीं होता! चलो फ्रांस चलते हैं और क्रांति में शामिल होते हैं.”
पूरे फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन
डोनाल्ड ट्रंप की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आईं, जब पूरे फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बाद तबाही के मंजर देखने को मिले. आर्थिक दबाव और सार्वजनिक खर्च को लेकर छात्रों के नेतृत्व में हफ्तों से चल रहे विरोध प्रदर्शन तोड़फोड़, आगजनी और दंगों में बदल गए.
राष्ट्रपति चुनाव से पहले हिंसा
फ्रांसीसी राष्ट्रपति के चुनाव से लगभग 6 महीने पहले ये हिंसा हुई है, जिससे उनकी सरकार पर राजनीतिक दबाव और बढ़ गया है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हिंसा के लिए आप्रवासन और विविधता पर पश्चिमी उदारवादी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है. एक्स पर एक पोस्ट में जेडी वैंस ने कहा कि पश्चिमी देश विविधता को बढ़ावा देते हुए आत्मसात और सांस्कृतिक अनुकूलता के मुद्दों को हल करने में विफल रहे हैं.
क्या बोले अमेरिकी उप राष्ट्रपति
जेडी वेंस ने लिखा, “पश्चिमी उदारवादियों ने विविधता और करुणा के नाम पर ‘तीसरी दुनिया’ (विकासशील देशों) के लोगों को फ्रांस और अन्य देशों में लाकर बसाया. उन्होंने समाज में घुलने-मिलने और अनुकूलता जैसे बुनियादी सवालों को नजरअंदाज कर दिया.” उन्होंने आगे कहा, “उन्हें पहले ही चेतावनी दी गई थी कि ऐसा हो सकता है, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी.” उन्होंने फ्रांस से अपील की कि वह कोई कदम उठाए इससे पहले कि आग की घटनाओं में और भी ऐतिहासिक स्थल नष्ट हो जाएं.
जेडी वेंस ने कहा, “मैं अपील करता हूं कि फ्रांस जो अद्भुत लोगों से भरा एक खूबसूरत देश है वो इस पागलपन को रोके, इससे पहले कि वहां के और भी ऐतिहासिक स्थल जल जाएं.”
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