गुरु ज्ञान, धन, शुभता और सफलता के कारक है. वहीं पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है. जब गुरु ग्रह और पुष्य नक्षत्र का मेल होता है, तब इस योग का निर्माण होता है और इस समय किए हर कार्य शुभ फल देते हैं.

गुरु ज्ञान, धन, शुभता और सफलता के कारक है. वहीं पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है. जब गुरु ग्रह और पुष्य नक्षत्र का मेल होता है, तब इस योग का निर्माण होता है और इस समय किए हर कार्य शुभ फल देते हैं.