Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा, मुजफ्फरनगर में खाने की शुद्धता पर नजर, QR कोड स्कैन करते ही द

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा, मुजफ्फरनगर में खाने की शुद्धता पर नजर, QR कोड स्कैन करते ही द


Kanwar Yatra 2026: आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्त श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित और सही दामों पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए मुजफ्फरनगर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. विभाग ने पूरे कांवड़ मार्ग को 6 प्रमुख रूटों में विभाजित कर हर रूट पर एक-एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी की तैनाती की है.

ये विशेष टीमें कांवड़ मार्ग पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई, मिलावटखोरी और ओवररेटिंग (तय कीमत से अधिक वसूलना) पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखेंगी.

QR कोड स्कैन करें और सीधे दर्ज कराएं शिकायत

विभाग की पहल के तहत कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी होटल, ढाबों, रेस्तरां और खाद्य स्टॉलों के लिए निम्नलिखित दिशानिर्देश अनिवार्य किए गए हैं:

रेट लिस्ट और लाइसेंस पर बैनर: प्रतिष्ठान के प्रमुख स्थान पर रेट लिस्ट और खाद्य लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना होगा.

‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप का QR कोड: प्रत्येक प्रतिष्ठान पर ऐप का क्यूआर कोड लगाया जा रहा है.

तुरंत ऑनलाइन शिकायत: कोई भी श्रद्धालु अपने स्मार्टफोन से इस QR कोड को स्कैन करके उस दुकान/ढाबे की पूरी जानकारी (मालिक का नाम, पता व लाइसेंस नंबर) प्राप्त कर सकता है और गुणवत्ता या ओवररेटिंग से जुड़ी कोई भी शिकायत सीधे ऑनलाइन दर्ज करा सकता है.

खाद्य विक्रेताओं और ढाबा संचालकों के लिए सख्त निर्देश

खाद्य सुरक्षा अधिकारी अर्चना धीरान के अनुसार, कांवड़ मार्ग के सभी दुकानदारों और होटल संचालकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:

  • साफ-सफाई और स्वच्छता: बर्तनों और किचन एरिया की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, कचरा खुले में न फेंकें.
  • बासी भोजन पर रोक: भोजन को उचित तापमान पर स्टोर करें ताकि वह खराब न हो. आवश्यकतानुसार ही ताजा भोजन बनाएं.
  • प्रतिबंधित रंगों पर बैन: खाद्य पदार्थों में अमानक या हानिकारक कृत्रिम रंगों का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है.
  • कीमतों में पारदर्शिता: रेट लिस्ट के अनुसार ही श्रद्धालुओं से पैसे लिए जाएं, ओवररेटिंग पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी.

“जनपद को 6 रूटों में बांटकर अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है. प्रतिष्ठानों पर रेट लिस्ट और क्यूआर कोड चस्पा कर दिए गए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की असमानता न हो और श्रद्धालु आसानी से शिकायत दर्ज करा सकें.”  

चेकिंग अभियान से संतुष्ट दिखे स्थानीय होटल संचालक
विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान और औचक निरीक्षण का असर धरातल पर भी दिखने लगा है.

स्थानीय होटल संचालक रोहित कुमार ने बताया:

“फूड डिपार्टमेंट की टीम कांवड़ यात्रा की तैयारियों के सिलसिले में जांच करने आई थी. हमारे होटल में सफाई, भोजन की गुणवत्ता और सभी दस्तावेज पूरी तरह सही पाए गए. अधिकारियों द्वारा दी गई रेट लिस्ट बोर्ड पर लगा दी गई है और हम उसी तय दर पर ही सामान बेच रहे हैं.”

शिवभक्तों के लिए क्विक गाइड

  • किसी भी ढाबे या स्टॉल पर खाना खाने से पहले वहां लगी रेट लिस्ट और लाइसेंस अवश्य देखें.
  • गुणवत्ता में कमी या अधिक दाम वसूलने पर दुकान पर लगे QR कोड को स्कैन करें.
  • Food Safety Connect App का उपयोग कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं.

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