अन्नाद्रमुक (AIADMK) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के महासचिव और चार विधायकों के खिलाफ सीबीआई जांच की अपील की है. ये चार विधायक अन्नाद्रुमक से इस्तीफा देकर तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी टीवीके में शामिल हो गए थे. अन्नाद्रमुक ने चारों विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर यह याचिका दाखिल की है.
एम श्रीनिवासन की ओर से दायर याचिका में सीबीआई को टीवीके के महासचिव एन आनंद उर्फ बुस्सी एन आनंद और अन्नाद्रमुक के चार पूर्व विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. ये चार विधायक- के. मरगथम कुमारवेल (मदुरंथकम विधानसभा क्षेत्र), एस. जयकुमार (पेरुंदुरई), पी. सत्यबामा (धरपुरम) और एसाक्की सुबाया (अंबासमुद्रम) हैं.
चारों विधायक अन्नाद्रमुक के विधानसभा सदस्य के तौर पर इस्तीफा देने के बाद 25 और 26 मई को टीवीके में शामिल हो गए थे. एडवोकेट अचिंत्य तिवारी के जरिए दायर की गई, जिसमें अनुरोध किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट सीबीआई को एक निर्धारित समय सीमा के अंदर जांच पूरी करके रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दे.
याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि वह संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए उन उम्मीदवारों की चुनाव बाद खरीद-फरोख्त रोकने के लिए विशिष्ट नियम बनाए, जिन्हें या तो विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्य घोषित कर दिया हो या जिन्होंने बिना किसी वैध, ठोस और न्यायसंगत कारण के विधानसभा से इस्तीफा दिया हो.
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याचिकाकर्ता का एक और अनुरोध यह है कि नियम बनाए जाने तक अन्नाद्रमुक के चार पूर्व विधायकों को बतौर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में या किसी भी राजनीतिक दल के समर्थन से उपचुनाव लड़ने से रोकने के लिए निषेधाज्ञा जारी की जाए. टीवीके प्रमुख सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. हालांकि, 4 मई को आए नतीजों में उनकी पार्टी 234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा के लिए बहुमत का आंकड़ा 118 सीटें हासिल नहीं कर सकी थी, लेकिन कांग्रेस, वीसीके, भाकपा, माकपा और आईयूएमएल का समर्थन हासिल कर वह 120 के आंकड़े तक पहुंच गए थे.
13 मई को सदन से द्रमुक के बहिर्गमन के बीच, अन्नाद्रमुक के 25 बागी विधायकों के समर्थन से विजय ने विश्वास मत हासिल कर लिया था. हालांकि, विधायकों की खरीद-फरोख्त से संबंधित विपक्ष के आरोपों को विजय खारिज करते रहे हैं.
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