अगर की ये गलती तो नहीं मिलेगा पीएम फसल बीमा योजना का लाभ, किसान भाई जान लें अपने काम की बात

अगर की ये गलती तो नहीं मिलेगा पीएम फसल बीमा योजना का लाभ, किसान भाई जान लें अपने काम की बात


PM Fasal Bima Yojana: खेती-किसानी में मौसम का मिजाज कब बदल जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. कभी सूखा तो कभी बेमौसम भारी बारिश और ओलावृष्टि किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर देती है. ऐसे बड़े नुकसान से बचने के लिए सरकार की पीएम फसल बीमा योजना किसी वरदान से कम नहीं है. लेकिन कई बार देखा गया है कि पूरी फसल बर्बाद हो जाने के बाद भी किसानों का क्लेम रिजेक्ट हो जाता है.

कई बार किसानों की ओर से की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियां और लापरवाही के चलते ऐसा होता. अक्सर जानकारी न होने के चलते किसान सही समय पर जरूरी कदम नहीं उठा पाते. जिससे बीमा कंपनियां उनके दावों को खारिज कर देती हैं. अगर आप भी अपनी डूबी हुई फसल का पूरा पैसा पाना चाहते हैं. तो इन गलतियों से बचना आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है.

नुकसान होते ही 72 घंटे के भीतर करें यह काम

फसल बीमा का लाभ उठाने का सबसे पहला काम है समय का सूचना देना. अगर किसी प्राकृतिक आपदा, जैसे ओलावृष्टि, जलभराव या जमीन धंसने की वजह से आपकी खड़ी फसल बर्बाद हो जाती है. तो आपको इसकी जानकारी तुरंत देनी होगी. नुकसान होने के ठीक 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी, बैंक या फिर अपने नजदीकी कृषि विभाग के अधिकारी को इसकी लिखित सूचना देना जरूरी है.

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यहां होती है किसानों से गलती

बहुत से किसान सोचते हैं कि जब सर्वेक्षक खुद गांव में आएगा तब बता देंगे और यही उनकी सबसे बड़ी गलती साबित होती है. अगर आपने तय समय यानी 3 दिन के भीतर नुकसान की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई तो बीमा कंपनी आपकी बात मानने से साफ इनकार कर सकती है इसलिए इस काम में बिल्कुल भी ढिलाई न बरतें.

सही रखें सभी दस्तावेज

समय पर सूचना देने के साथ-साथ आपके दस्तावेजों का सही होना भी उतना ही मायने रखता है. फसल बीमा का फॉर्म भरते समय अपने बैंक खाते की जानकारी, आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेज और बोई गई फसल का ब्यौरा एकदम सही-सही भरें. कई बार किसान भाई खेत में बोते कुछ और हैं और बीमा फॉर्म में किसी दूसरी फसल का नाम डाल देते हैं. ऐसे में क्लेम मिलना नामुमकिन हो जाता है.

प्रीमियम देने में चूक न करें

इसके अलावा लोन लेने वाले किसान भाइयों को इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि उनके खाते में समय पर प्रीमियम काटने के लिए बैलेंस जरूर हो. अगर बैंक समय पर आपकी किस्त नहीं काट पाता. तो आपकी पॉलिसी एक्टिव नहीं होगी और मुश्किल के समय आपको अपनी ही डूबी हुई फसल का मुआवजा पाने के लिए दर-दर भटकना पड़ जाएगा. इसलिए इन बातों का ध्यान जरूर रखें.

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