कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की लीगल हेड रत्ना सिंह को पार्टी के दोनों सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के बाद लगातार ट्रोल किया जा रहा है. इस पर रत्ना सिंह ने ट्रोल करने वालों को तगड़ा जवाब दिया है.
उन्होंने ऐसे ट्रोलर्स को जवाब देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि “आज सारे ₹2 वाले ट्रोलर्स इधर ही बिजी हैं. मुझे लगता है कि अगर आपके “कर्ता-धर्ता” को लगता है कि आपको मुझे गाली देकर, ट्रोल करके और धमकी देकर ₹2 कमाने की जरूरत है तो मैंने आपके लिए मंच खोल दिया है. धन्यवाद! और रोओ, क्या पता “ऊपर से” और ऑर्डर आ जाएं.
Aaj saare ₹2 wale trollers idhar hi busy hain. 😎 I feel I have made it here if your “karta-dharta” feels you need to earn ₹2 by abusing, trolling, and threatening me. Thank you! Cry more, kya pata “upar se” aur orders aa jaayein.
— Ratna Singh (@whattalawyer) October 14, 2026
रत्ना ने कहा-‘मैं इन लोगों की वकील नहीं’
इससे पहले ‘X’ पर एक बालाजी नाम के हैन्डल ने सौरव और रांका के गिरफ्तार हो जाने के बाद रत्ना को ट्रोल करते हुए कहा था कि “आश्चर्य नहीं हुआ कि सौरव और आशुतोष गिरफ्तार हो गए, क्योंकि आप इन लोगों की वकील हो.”
जिसका जवाब देते हुए रत्ना ने बताया था कि “आपको जानकर दुख होगा कि मैं इन लोगों की वकील नहीं हूं. आपको निराश करने के लिए माफ करें. जल्द ठीक हो जाइए.”
Apko jaan ke dukh hoga, lekin main inki lawyer nahi hun. Sorry to disappoint you Bala ji. Recover soon.
— Ratna Singh (@whattalawyer) October 14, 2026
आशुतोष और सौरव को भेजा गया तिहाड़
आशुतोष रांका और सौरव दास ने 13 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर गेट फांदकर विरोध करने का प्रयास किया था. जहां से दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में रखा हुआ था, जिसके बाद 14 अक्टूबर 2026 सुबह 3 बजे दिल्ली पुलिस ने दोनों को अजिंक्य शिंदे सहित गिरफ्तार कर लिया था. सुबह ही SEM कोर्ट के सामने उन्हें पेश किया गया. कोर्ट ने सौरव और आशुतोष को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया, वहीं अजिंक्य शिंदे को ₹ 5000 के निजी बॉन्ड पर साइन करवाकर रिहा कर दिया गया था. इस पूरे घटनक्रम की जानकारी रत्ना सिंह ने ही सबसे पहले ‘X’ पर दी थी, जिसके बाद उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई थी.






