फ्लाइटों में पाकिस्तानी पायलट-क्रू की एंट्री बैन, किस देश ने लिया बड़ा फैसला

फ्लाइटों में पाकिस्तानी पायलट-क्रू की एंट्री बैन, किस देश ने लिया बड़ा फैसला


इजरायल आने-जाने वाली फ्लाइटों के लिए नए सेफ्टी रूल का असर इंटरनेशनल एयरलाइंस पर दिखने लगा है. एयर फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों और केबिन क्रू को इजरायल जाने वाली फ्लाइट में काम करने पर बैन लगा दिया है. यूनाइटेड एयरलाइंस ने भी केबिन क्रू से जुड़े रूल में बदलाव किया है, जबकि चेक गणराज्य की एयरलाइन स्मार्टविंग्स ने कहा है कि वह इजरायल के नियमों का पालन करेगी.

फ्रांस मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टरी ने 1 अक्टूबर को विदेशी एयरलाइंस को बताया था कि इजरायल के जाने वाले फ्लाइटों के पायलट और केबिन क्रू के पास ऐसे देशों की नागरिकता नहीं होनी चाहिए, जिनके इजरायल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं. दोहरी नागरिकता रखने वाले कर्मचारियों पर भी ये नियम लागू हो सकते हैं. इस लिस्ट में पाकिस्तान, ईरान, ओमान, सऊदी अरब, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, इराक, लेबनान और अफगानिस्तान समेत कई देश शामिल हैं.

फ्लाईदुबई विमान में हमले के बाद बढ़ी सख्ती

इन नियमों को सख्ती से लागू करने की वजह फ्लाईदुबई की घटना को माना जा रहा है. रिपोर्टों के अनुसार, ओमान के को-पायलट पर भारतीय कैप्टन पर हमला करने और फ्लाइट को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगा है. घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया था. इस घटना के बाद इजरायल ने विदेशी एयरलाइंस के क्रू की नागरिकता की जांच को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. 

इथियोपियन एयरलाइंस की उड़ान को लौटना पड़ा

नए नियमों का असर इथियोपियन एयरलाइंस की एक उड़ान पर भी पड़ा. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अदीस अबाबा से तेल अवीव जा रही फ्लाइट को वापस लौटना पड़ा, क्योंकि उसके क्रू में एक इंडोनेशियाई पायलट मौजूद था. इजरायल और इंडोनेशिया के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं. रिपोर्टों के अनुसार, विमान को इथियोपिया लौटाया गया और पायलट बदलने के बाद उसने दोबारा उड़ान भरी. इथियोपियन एयरलाइंस ने इस घटना को गलती बताया और कहा कि उसे पायलट पर लागू पाबंदी की जानकारी नहीं थी.

एयर फ्रांस ने कर्मचारियों को दी जानकारी

एयर फ्रांस ने कहा है कि वह उन देशों के प्रवेश नियमों का पालन करती है, जहां उसकी फ्लाइट जाती हैं. कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों को इजरायल की ओर से लागू किए गए नए नियमों के बारे में जानकारी दी है. फ्रांसीसी खोजी मीडिया संस्थान मिडियापार्ट की रिपोर्ट के अनुसार, एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से उनकी दूसरी नागरिकता की जानकारी भी मांगी थी. इस तरीके पर पायलटों के एक यूनियन ने सवाल उठाए और इसे राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव से जुड़ा मामला बताया.

यूनाइटेड एयरलाइंस ने बदली क्रू-प्लानिंग

यूनाइटेड एयरलाइंस ने कथित तौर पर इन पाबंदियों को अपनी क्रू-प्लानिंग प्रोसेस्ट में शामिल किया है. इससे कंपनी यह तय कर सकेगी कि नियमों के दायरे में आने वाले कर्मचारी इजरायल जाने या वहां से आने वाली उड़ानों में तैनात न हों. स्मार्टविंग्स ने भी नियमों का पालन करने की बात कही है. हालांकि, कंपनी के मुताबिक उसके क्रू की तैनाती पर अब तक कोई खास असर नहीं पड़ा है.



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