ऋषि पंचमी व्रत किन महिलाओं को नहीं करना चाहिए, शास्त्रों में क्या है नियम

ऋषि पंचमी व्रत किन महिलाओं को नहीं करना चाहिए, शास्त्रों में क्या है नियम


Rishi Panchami 2026: भाद्रपद शुक्ल पंचमी को ऋषि पंचमी का व्रत किया जाता है. इस साल ये व्रत 15 सितंबर 2026 को है. परंपरा में यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं से जुड़ा माना गया है और सप्तर्षियों की पूजा की जाती है. धर्मसिंधु में इस व्रत का संबंध रजस्वला अवस्था (पीरियड्स) में जाने-अनजाने हुए धार्मिक नियमों के उल्लंघन के प्रायश्चित्त से बताया गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हर महिला को ऋषि पंचमी का व्रत करना चाहिए ?

रजस्वला होने पर क्या व्रत करें?

धर्मसिंधु में रजस्वला अवस्था से जुड़े शुद्धि और धार्मिक कर्मों के अलग नियम बताए गए हैं. इसलिए यदि किसी महिला के पीरियड्स चल रहे हैं तो पूजन न करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि शास्त्रों में पीरियड्स के दौरान अशुद्धि होने का जिक्र मिलता है, ऐसे में पूजन सामग्री, मूर्ति स्पर्श नहीं किया जाता है. 

बीमार या कमजोर महिला को क्या करना चाहिए?

ऋषि पंचमी का व्रत कठिन उपवास के रूप में किया जाता है तो अस्वस्थ, कमजोर, बुजुर्ग या ऐसी महिला जिसे लंबे समय तक निराहार रहने में परेशानी हो, उसे कठोर उपवास नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में संकल्प, सप्तर्षि का स्मरण करें और पूजा अपनी क्षमता के अनुसार की जा सकती है. व्रत में स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाना शास्त्रीय उद्देश्य नहीं माना जाता.

गर्भवती महिलाओं के लिए क्या नियम है?

गर्भावस्था में लंबे या निर्जल उपवास से बचना उचित है. यदि महिला ऋषि पंचमी की पूजा करना चाहती है तो फलाहार या सामान्य सात्विक आहार के साथ पूजा करें.

जिन्हें पीरियड्स नहीं आते या रजोनिवृत्ति हो गईं हैं वो क्या करें

महिलाओं के जीवन में एक समय के बाद पीरियड्स बंद हो जाते हैं, इसे रजोनिवृत्ति यानी मेनोपॉज कहा गया है. रजोनिवृत्त हो चुकी महिलाएं भी ऋषि पंचमी व्रत कर सकती हैं. इसके अलावा जिन स्त्रियों को पीरियड्स आते ही नहीं वह भी इस व्रत में ऋषियों की पूजा कर सकती हैं. ये दोष से मुक्ति दिलाने में सहायक है. 

FAQ

ऋषि पंचमी व्रत मुख्य रूप से किसके लिए माना गया है?
परंपरा में यह व्रत महिलाओं से विशेष रूप से जुड़ा है और सप्तर्षियों के पूजन का विधान बताया गया है.

क्या अविवाहित महिलाएं ऋषि पंचमी का व्रत कर सकती हैं?
हां, केवल अविवाहित होने के आधार पर इस व्रत को निषिद्ध मानने का स्पष्ट नियम नहीं है.

ऋषि पंचमी व्रत में किसकी पूजा की जाती है?
इस दिन सप्तर्षियों के साथ अरुंधती देवी का पूजन करने की परंपरा है.

क्या पीरियड्स हमेशा के लिए बंद होने के बाद भी व्रत किया जा सकता है?
हां, रजोनिवृत्ति के बाद भी महिला श्रद्धा के साथ ऋषि पंचमी व्रत कर सकती है.

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