बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान की जब भी बात आती है. तो दिमाग में ब्लॉकबस्टर फिल्में उनका अलग सिनेमाई अंदाज और फिल्मों को लेकर उनकी चाॅइस घूमने लगती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिल्वर स्क्रीन पर लगान जैसी ऐतिहासिक फिल्म देने वाले आमिर खान का असली जिंदगी में भी किसानी और खेती-किसानी की जमीन से बहुत गहरा नाता है? आपको बता दें करोड़ों दिलों पर राज करने वाले सुपरस्टार आमिर खान सिर्फ बड़े पर्दे के स्टार ही नहीं हैं.
बल्कि उनके नाम पर कई एकड़ खेती की जमीन भी दर्ज है. फिल्मी बैकग्राउंड से आने के बावजूद उनके पूर्वज ग्रामीण जमीन से जुड़े किसान रहे हैं. आमिर खान ने खुद अपने इंटरव्यूज में इस बात का खुलासा किया था कि मुंबई की रफ्तार भरी जिंदगी से दूर, एक शांत राज्य के छोटे से कस्बे में उनका पुश्तैनी खेत और आमों के बड़े-बड़े बाग मौजूद हैं. चलिए आपको बताते हैं कहां है उनके खेत और कितने बीघा में हैं फैले?
यूपी के हरदोई में आमिर की पुश्तैनी जमीन
अगर आप सोच रहे हैं कि आमिर खान की खेती की जमीन महाराष्ट्र या पंजाब में होगी तो आप बिल्कुल गलत हैं. आमिर खान की पुश्तैनी जमीन उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में है. जो कि लखनऊ से करीब 100 किलोमीटर दूर है. हरदोई के शाहाबाद कस्बे और उससे सटे अख्तियारपुर गांव में आमिर खान का पैतृक घर और खेत हैं. आमिर के दादा और परदादा इसी मिट्टी से जुड़े थे और बड़े पैमाने पर किसानी करते थे.
वहां उनके खानदान के मशहूर और पुराने आम के बड़े-बड़े बगीचे हैं. उत्तर प्रदेश की इस मिट्टी से आमिर का खून का रिश्ता है. क्योंकि उनके चाचा नासिर हुसैन फिल्मों में राइटर बनने के लिए सबसे पहले मुंबई पहुंचे थे. जिसके बाद पूरा परिवार धीरे-धीरे बॉलीवुड इंडस्ट्री का हिस्सा बनता चला गया. लेकिन परिवार की असली जड़ें आज भी यूपी के हरदोई जिले के इस इलाके में ही जमी हुई हैं.
कितने बीघा जमीन आमिर खान के नाम?
जमीन के रकबे की बात करें तो हरदोई जिले के शाहाबाद और अख्तियारपुर इलाके में आमिर खान के परिवार के पास लगभग 20 एकड़ करीब 32 से 35 बीघा से ज्यादा पुश्तैनी कृषि भूमि और बागान मौजूद हैं. यूपी के स्थानीय पैमानों के हिसाब से यह काफी जमीन मानी जाती है. इस जमीन पर आम के पुराने पेड़ों के अलावा कुछ रिहायशी मकान और पुश्तैनी ढांचे भी बने हुए हैं.
कुछ साल पहले जब हरदोई प्रशासन ने जमीन के बकाए लगान को लेकर नोटिस जारी किया था. तब भी यह खबर सुर्खियों में आई थी कि आमिर खान के प्रतिनिधि ने वहां पहुंचकर लगान के सारे बकाए सरकारी खाते में जमा किए थे. मुंबई में आलीशान जिंदगी बिताने के बावजूद आमिर अपनी इस पुश्तैनी जमीन के कागजी और कानूनी मामलों को पूरी संजीदगी के साथ मेंटेन रखते हैं.

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पुश्तैनी जमीन बिकने से बचाई
आमिर खान की इस पुश्तैनी जमीन से जुड़ा एक और किस्सा भी है. कुछ साल पहले आमिर खान की मां ने उन्हें बताया था कि परिवार के कुछ रिश्तेदार शाहाबाद वाली अपनी पुश्तैनी जमीन और मकानों को बाहर के लोगों को बेचने की सोच रहे हैं. यह सुनते ही आमिर ने तुरंत फैसला लिया कि खानदान की इस ऐतिहासिक धरोहर को किसी बाहरी हाथ में नहीं जाने दिया जाएगा. आमिर ने खुद आगे आकर वह पूरी पुश्तैनी संपत्ति अपने रिश्तेदारों से खरीद ली.
इतना ही नहीं उन्होंने यह जमीन सिर्फ अपने नाम नहीं रखी, बल्कि अपने भाई फैसल खान और बहनों फरहत और निखत के नाम पर भी दर्ज कराई. आमिर खान ने अपने पुरखों की विरासत को न सिर्फ संभाल के रखा बल्कि खेती से अपना रिश्ता भी कायम रखा है.
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