अगर आप किसी फूल की खेती कर अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो लिलियम आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है. लिलयम लिलि का ही एक वैज्ञानिक नाम है. यह फूल 6 पंखुड़ी वाला होता है और यह सफेद, नारंगी, पीले और लाल रंग के होते हैं. लिलियम की मांग बाजार में अधिक हुई है. इसका उपयोग गुलदस्ते, सजावट और आजकल तो शादियों में भी किया जाने लगा है.
ऐसे में इसकी मांग देखकर किसान के लिए इसकी खेती करना एक बेहतर निर्णय हो सकता है. आमतौर पर लिलियम के एक फूल की कीमत बाजार में 50 से 100 रुपये तक होती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि लिलियम की खेती कैसे की जाती है. जानें इसके लिए मौसम, सही मिट्टी और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
लिलियम के बल्ब से की जाती है खेती
आमतौर पर लिलियम की खेती इसके बल्ब से की जाती है. खेती के लिए अच्छे और रोगमुक्त बल्बों का चयन सबसे महत्वपूर्ण होता है. लिलियम की खेती के लिए बेहतर जल निकासी वाली मिट्टी अच्छी होती है क्योंकि मिट्टी में अधिक पानी होने से बल्ब सड़ जाते हैं और फसल को नुकसान पहुंच सकता है. बल्ब की बुवाई के बाद नियमित सिंचाई, तापमान, पोषक तत्व और अन्य जरूरी चीजों का भी ध्यान रखना होता है.
कैसे बोएं बल्ब?
अच्छे और सुंदर फूल पाने के लिए बल्ब को सही तरीके से बोना जरूरी है. बल्ब को उचित दूरी के साथ मिट्टी में करीब 10-15 सेमी गहराई में बोएं, जिससे फूलों को बढ़ने में परेशानी न हो और वे पूरी तरह विकसित हों. वहीं मिट्टी में नमी होना चाहिए. ध्यान रहे कि ज्यादा सिंचाई से बल्ब सड़ने की संभावना बढ़ जाती है. लिलियम को आमतौर पर सितंबर-नवंबर के महीने में लगाया जाता है. वहीं कुछ किस्मों को शुरुआती फरवरी और मार्च में भी लगाया जाता है.
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लिलियम की खेती से कमा सकते हैं लाखों
अच्छी आमदनी के लिए केवल खेती पर निर्भर नहीं रहा जा सकता. इसके लिए आपको बेहतर मार्केटिंग स्ट्रैटिजी की आवश्यकता भी होती है. आप स्थानीय बाजार में मांग के अनुसार अपने फूलों को बेच सकते हैं. वहीं आप किसी डेकोरेटर, इवेंट मैनेजर या होटल वालों से भी संपर्क कर सकते हैं क्योंकि उन्हें शादियों और इवेंट की सजावट के लिए फूलों की आवश्यकता होती है. आज के डिजिटल युग में आप ऑनलाइन भी अपने फूलों को बेचकर अच्छा पैसा कमा सकते हैं.
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