लाल मूली ठंडी जलवायु की फसल है. इसे आमतौर पर ठंड के मौसम में उगाया जाता है. यह फसल लगभग 50-60 दिनों में आसानी से तैयार हो जाती है. इसे उगाने का सबसे सही समय सितंबर से फरवरी महीने का माना जाता है. ठंड के समय का तापमान लाल मूली के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है.

लाल मूली में विटामिन सी, पोटैशियम और कई प्रकार के अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं. रोजाना लाल मूली खाने से शुगर कंट्रोल में रहती है. इसे सलाद के रूप में सेवन करने से कई प्रकार की बीमारियों में राहत मिलती है. यह इम्युनिटी को मजबूत करने के साथ ही हड्डियों को भी मजबूत करने में मदद करने में भी करती है.

लाल मूली उगाने के लिए दोमट मिट्टी सबसे बेहतर मानी जाती है. इसे उगाने के लिए भुरभरी मिट्टी और बेहतर जल निकासी वाली मिट्टी सही होती है. मिट्टी के ज्यादा कठोर होने से मूली के उगने में परेशानी होती है और उसका आकार भी टेढ़ा-मेढ़ा हो सकता है. वहीं मिट्टी में ज्यादा पानी होने और नम होने से मूली के सड़ने का खतरा रहता है. इसलिए लाल मूली की बुवाई से पहले मिट्टी की जांच करना जरूरी होता है.

लाल मूली की बुवाई से पहले खेत की मिट्टी को भुरभुरा बनाना बेहतर होता है, इसकी वजह से मूली अच्छी तरह विकसित होती है. वहीं इसकी बुवाई से पहले खेत में गोबर डालकर मिट्टी की गुणवत्ता को बढ़ाना चाहिए. आप गोबर की जगह किसी भी अच्छी ऑर्गेनिक खाद का उपयोग कर सकते हैं. मिट्टी का उपजाऊ होना लाल मूली के लिए बेहद आवश्यक है.

लाल मूली को बीज से उगाया जाता है. इसे उगाने के लिए बीज को उचित दूरी और सही गहराई में बोना होता है. जिससे मूली अच्छी तरह विकसित हो सके. उचित दूरी पर बीजों को बोने से सुंदर और बड़ी मूली मिलती है. वहीं इसके लिए खेत में नियमित सिंचाई करने की भी आवश्यक्ता होती है. लेकिन ध्यान रहे कि खेत में अधिक पानी जमा न हो.
Published at : 07 Sep 2026 07:01 PM (IST)






