क्या है पीएम श्री स्कूल, जिसे पश्चिम बंगाल में खोलने पर विचार कर रही सरकार?

क्या है पीएम श्री स्कूल, जिसे पश्चिम बंगाल में खोलने पर विचार कर रही सरकार?


PM SHRI Schools: पश्चिम बंगाल में अब सत्ता बदलने के साथ ही शिक्षा व्यवस्था में भी बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है. नई सरकार ने राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने और हर ब्लॉक में कम से कम एक पीएम श्री स्कूल खोलने का ऐलान किया है. इसी के साथ एक बार फिर पीएम श्री स्कूल योजना चर्चा में आ गई. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को राजनीति से मुक्त कर आधुनिक और तकनीकी आधारित बनाया जाएगा. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर पीएम श्री स्कूल क्या है और उनका उद्देश्य क्या है. तो चलिए हम आपको बताते हैं कि पीएम श्री स्कूल क्या है, जिसे पश्चिम बंगाल में सरकार खोलने पर विचार कर रही है.

क्या है पीएम श्री स्कूल?

केंद्र सरकार ने सितंबर 2022 में पीएम श्री यानी प्रधानमंत्री स्कूल ऑफ राइजिंग इंडिया योजना शुरू की थी. इस योजना का मकसद देशभर के सरकारी स्कूलों को आधुनिक मॉडल के रूप में विकसित करना है. इन स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत नई शिक्षा पद्धति, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग स्किल बेस्ड एजुकेशन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जाता है.

पश्चिम बंगाल में लागू होगी पीएम श्री योजना

शिक्षा मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच हाल ही में इस योजना को लागू करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पहले ममता बनर्जी सरकार ने इस योजना का विरोध किया था. उस समय राज्य सरकार ने केंद्र की ब्रांडिंग और शिक्षा मामलों में हस्तक्षेप को लेकर आपत्ति जताई थी. अब नई भाजपा सरकार ने योजना को लागू करने का फैसला लिया है. कोलकाता में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य के हर ब्लॉक में कम से कम एक पीएम श्री स्कूल खोला जाएगा. ताकि ग्रामीण इलाकों तक आधुनिक शिक्षा पहुंचाई जा सके.

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क्या होगी पीएम श्री स्कूल की खासियत?

पीएम श्री स्कूलों को भविष्य की जरूरत के हिसाब से तैयार किया जाएगा. इनमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड, आधुनिक लैब-लाइब्रेरी और स्किल डेवलपमेंट सुविधा होगी. इसके अलावा पर्यावरण अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र-केंद्रित पढ़ाई पर भी फोकस रहेगा. इन स्कूलों में केवल किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं होगी, बल्कि छात्रों को प्रैक्टिकल लर्निंग, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा से जोड़ा जाएगा. सरकार का दावा है कि ये स्कूल आसपास के दूसरे सरकारी स्कूलों के लिए भी मॉडल की तरह काम करेंगे. वहीं आपको बता दें कि केंद्र सरकार की योजना के तहत देशभर में 14,500 सरकारी स्कूलों को पीएम श्री स्कूल के रूप में विकसित किया जाना है. फिलहाल देश में 13 हजार से ज्यादा स्कूलों का चयन किया जा चुका है. इन स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. 

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