गुड़हल में फूल क्यों नहीं आते, जानें क्या गलती कर रहे आप?

गुड़हल में फूल क्यों नहीं आते, जानें क्या गलती कर रहे आप?


गुड़हल के पौधे पर लाल, गुलाबी, पीले और कई रंगों के खूबसूरत फूल हर किसी को पसंद आते हैं. लेकिन कई बार पौधा खूब हरा-भरा रहता है और पत्तियां भी लगातार बढ़ती हैं, फिर भी फूल नहीं आते. ऐसे में लोग अक्सर पौधे में खाद डालना बढ़ा देते हैं, जबकि असली वजह कुछ और होती है. सही धूप, पानी, मिट्टी और प्रूनिंग का ध्यान रखकर पौधे में फूल आने की संभावना बढ़ाई जाती है.

धूप कम मिलना भी है बड़ी वजह

गुड़हल को अच्छी ग्रोथ के लिए पर्याप्त सनलाइट की जरूरत होती है. अगर पौधे को ऐसी जगह रखा गया है जहां दिनभर सिर्फ हल्की रोशनी आती है, तो उसकी पत्तियां तो बढ़ती रहती हैं लेकिन फूल कम आते हैं. गुड़हल को रोज करीब 5 से 6 घंटे की सीधी धूप मिलना अच्छी फ्लावरिंग के लिए जरूरी मानी जाती है.अगर पौधा बालकनी या छत पर रखा है तो ऐसी जगह चुनें जहां उसे सुबह की धूप अच्छी तरह मिले. बहुत तेज गर्मी में दोपहर की कड़ी धूप से पौधे को थोड़ी सुरक्षा दी जा सकती है. पौधे को बार-बार जगह बदलने के बजाय एक सही स्थान पर रखना बेहतर होता है.

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मिट्टी गीली रहने से भी होता है नुकसान

गुड़हल को जरूरत से ज्यादा पानी देना भी फूल न आने की एक आम वजह है. मिट्टी हमेशा गीली रहने से जड़ों को नुकसान पहुंचता है और पौधे की ग्रोथ प्रभावित होती है. इसलिए जब ऊपर की मिट्टी हल्की सूखी लगे तभी पानी देना चाहिए. गमले में ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकलता रहे. खाद डालते समय भी संतुलन जरूरी है. ज्यादा नाइट्रोजन वाली खाद देने से पौधे में पत्तियां और शाखाएं तेजी से बढ़ती हैं, लेकिन फ्लावरिंग कम हो जाती है. इसलिए फ्लावरिंग के समय ऐसी खाद दी जाती है जिसमें फॉस्फोरस और पोटैशियम की मात्रा भी अच्छी हो. घर की कंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई ऑर्गेनिक मैन्योर भी पौधे के लिए उपयोगी रहती है.

प्रूनिंग नहीं करने से भी कम आते हैं फूल

गुड़हल में समय-समय पर प्रूनिंग करना जरूरी होता है. पुरानी, कमजोर और सूखी शाखाओं को हटाने से पौधे को नई ब्रांचेज निकालने में मदद मिलती है. नई ब्रांचेज पर ही आगे चलकर ज्यादा फूल आने की संभावना रहती है.प्रूनिंग करते समय एक साथ पौधे की बहुत ज्यादा शाखाएं नहीं काटनी चाहिए. साफ और शार्प कटर का इस्तेमाल करें और सूखी या कमजोर टहनियों को पहले हटाएं. साथ ही पौधे पर कीड़े या डिजीज के लक्षण भी देखते रहें. पत्तियों पर चिपचिपापन, छोटे कीड़े या सफेद धब्बे दिखाई दें तो समय पर उनका ट्रीटमेंट करें. अगर गुड़हल में लंबे समय से फूल नहीं आ रहे हैं तो सबसे पहले उसकी धूप, पानी, मिट्टी, खाद और प्रूनिंग की रूटीन को देखें. इन छोटी-छोटी बातों में सुधार करने से पौधे की ओवरऑल ग्रोथ बेहतर होती है और फ्लावरिंग भी बढ़ने लगती है.

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