सब्जी बनाई जाए या फिर कोई और डिश उसमें डाला गया ताजा हरा धनिया खाने का स्वाद और बढ़ा देता है. आमतौर पर सब लोग ही धनिया बाजार से खरीदकर लाते हैं लेकिन फ्रिज में रखने के कुछ दिन बाद ही इसकी पत्तियां खराब होने लगती हैं. लेकिन अगर आपके घर की बालकनी में थोड़ी सी जगह हो तो आप वहीं ताजा हरा धनिया उगा सकते हैं. इसके लिए किसी बड़े गार्डन की जरूरत भी नहीं है.
बस एक चौड़ा गमला, अच्छी मिट्टी और थोड़ी सी देखभाल से शुरुआत की जा सकती है. धनिया तेजी से बढ़ने वाला पौधा है इसलिए अगर आप पहली बार घर पर कोई चीज उगा रहे हैं तो भी आपको ज्यादा कोई मुश्किल नहीं आएगी. बस बीज लगाने का तरीका सही पता जरूर होना चाहिए. इसे लगाते वक्त पानी और धूप का भी खास ध्यान रखना पड़ता है. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे बालकनी के एक छोटे से गमले में हरा धनिया उगाया जा सकता है.
ऐसे तैयार करें धनिया के बीज
घर पर धनिया उगाने के लिए सबसे पहले अच्छी क्वालिटी के साबुत धनिया के बीज लें. यहां एक छोटी सी तरकीब काफी काम आती है. धनिया का जो साबुत बीज दिखाई देता है उसमें आमतौर पर दो हिस्से होते हैं. इसे सीधे मिट्टी में डालने के बजाय हल्के हाथ से दबाकर दो हिस्सों में अलग कर लें. बीज को बहुत जोर से न कुचलें क्योंकि इससे वह खराब हो सकता है.
गमले की तैयारी करते वक्त धनिया की जड़ें बहुत ज्यादा गहरी नहीं जातीं इसलिए करीब 6 से 8 इंच गहरा और चौड़ा गमला लिया जा सकता है. नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर होना चाहिए. गमले में भुरभुरी मिट्टी भरें जिसमें पानी आसानी से निकल सके. इसमें मिट्टी के साथ वर्मीकम्पोस्ट या अच्छी तरह तैयार पुरानी खाद मिला सकते हैं. मिट्टी को ऊपर तक भरने के बजाय थोड़ी जगह खाली रखें. इसके बाद तैयार किए गए बीज लगाने का काम शुरू करें.
बीज डालने के बाद ऐसे करें देखभाल
गमले की मिट्टी तैयार होने के बाद धनिया के बीज ऊपर बराबर दूरी पर फैला दें. इसके बाद बीजों के ऊपर मिट्टी की बहुत मोटी परत डालने की जरूरत नहीं है. हल्की सी मिट्टी डालकर उन्हें ढक दें. अब पानी डालते समय तेज धार का इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे बीज एक जगह जमा हो सकते हैं. शुरुआत में स्प्रे बोतल से हल्का पानी देना बेहतर रहेगा. मिट्टी में नमी बनी रहनी चाहिए लेकिन पानी जमा नहीं होना चाहिए.
गमले को बालकनी में ऐसी जगह रखें जहां उसे रोज कुछ घंटे अच्छी धूप मिल सके. बहुत तेज दोपहर की धूप में छोटे पौधों को रखने से बचें. मौसम और बीज की क्वालिटी सही रही तो करीब एक से दो हफ्ते के भीतर छोटे हरे पौधे मिट्टी से बाहर दिखाई देने लगेंगे. पौधे निकलने के बाद भी पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी सतह हल्की सूखी महसूस हो.
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कुछ हफ्तों में मिलने लगेगा ताजा धनिया
पौधे थोड़े बड़े होने के बाद उनकी ग्रोथ पर नजर रखें. अगर गमले में पौधे बहुत ज्यादा पास पास निकल आए हैं तो कमजोर पौधों को हटाकर बाकी पौधों को थोड़ी जगह दे सकते हैं. इससे उन्हें बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह और न्यूट्रिशन मिलेगा. धनिया को बहुत ज्यादा खाद देने की जरूरत नहीं पड़ती. कुछ समय के अंतर पर थोड़ी वर्मीकम्पोस्ट मिट्टी में मिलाई जा सकती है. आमतौर पर करीब 30 से 45 दिनों में पत्तियां इस्तेमाल करने लायक हो सकती हैं.

धनिया लेते समय पूरे पौधे को जड़ से निकालने के बजाय जरूरत के हिसाब से ऊपर की पत्तियां और डंठल काटें. नीचे का हिस्सा छोड़ने से पौधा कुछ समय तक नई पत्तियां देता रह सकता है. अगर लगातार ताजा धनिया चाहिए तो एक ही दिन सारे बीज लगाने के बजाय करीब 10 से 15 दिन के अंतर पर अलग-अलग गमलों में थोड़े बीज लगाते रहें. इससे बालकनी में लंबे समय तक ताजा धनिया मिलता रहेगा.
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