फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और इटली जैसे देशों का पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है. फ्रांस का नेशनल टेम्परेचर इंडेक्स 29.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो 1947 में माप शुरू होने के बाद का सबसे ऊंचा आंकड़ा है. जर्मनी के पूर्वी शहर कोशेन में 28 जून को तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पश्चिमी फ्रांस के पल्लुआ में पारा 43.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. लेकिन इस गर्मी के बीच एक बड़ी समस्या है कि यूरोप के सिर्फ 20% घरों में ही एयर कंडीशनर है. इसके बावजूद यूरोप दुनिया का सबसे बड़ा उभरता हुआ एसी बाजार बन रहा है. आखिर यूरोप में एसी इतना कम क्यों है और फिर भी यह मार्केट किंग कैसे बन रहा है…
यूरोप के घरों में एसी की कमी इतनी ज्यादा क्यों है?
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक, इस कमी की 5 बड़ी वजह हैं:
1. पहले गर्मी ही इतनी नहीं पड़ती थी
अमेरिका और जापान में करीब 90% लोगों के घर एसी है. यानी यूरोप की 80% आबादी के पास एसी नहीं है और वे इस भीषण गर्मी में बिना एसी के ही गुजर-बसर कर रहे हैं. उत्तरी यूरोप में गर्मियां पहले बहुत हल्की होती थीं. पेरिस के सेंटर फॉर इंटरनेशनल रिसर्च ऑन एनवायरनमेंट एंड डेवलपमेंट के रिसर्चर विंसेंट विगुई ने कहा, ‘अभी तक 20वीं सदी और उससे पहले की जलवायु में फ्रांस के ज्यादातर हिस्सों में एयर कंडीशनिंग की जरूरत नहीं थी, क्योंकि सर्दी और गर्मी दोनों हल्की होती थी. यह जलवायु परिवर्तन के साथ बदल रहा है.’ गर्मी का मौसम पहले सिर्फ जुलाई-अगस्त तक सीमित था और औसत तापमान 27 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहता था, इसलिए एसी की कोई जरूरत ही नहीं थी.
2. मकान गर्मी निकालने के लिए नहीं बने
यूरोप के पुराने मकान लंबी सर्दियों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं. मोटी दीवारें, छोटी खिड़कियां और ऐसा डिजाइन जो गर्मी को अंदर रोके रखे. कई इमारतें बहुत पुरानी हैं और उनमें एसी लगाना आसान नहीं है. इसके अलावा ऐतिहासिक और विरासत इमारतों पर सख्त नियम हैं. इनमें बाहरी एसी यूनिट लगाने की इजाजत नहीं होती. फ्रांस के एक इलेक्ट्रीशियन थिएरी ने बताया कि उनके पास ‘इमरजेंसी’ एसी इंस्टॉलेशन की इतनी ज्यादा डिमांड आ रही है कि वह परेशान हैं.
3. बिजली के बहुत ऊंचे दाम
यूरोप में बिजली के दाम अमेरिका से करीब ढाई गुना ज्यादा हैं. 2024 में EU में औद्योगिक बिजली की कीमत अमेरिका के मुकाबले करीब ढाई गुना थी. एसी चलाने का खर्च कई यूरोपीय परिवारों की पहुंच से बाहर है.
4. इंस्टॉलेशन का खर्च और परमिट की झिकझिक
यूरोप में एसी लगवाने का खर्च बहुत ज्यादा है. 1,000 यूरो (करीब 90,000 रुपये) से भी ज्यादा है. कई जगहों पर एसी लगाने के लिए मकान मालिक की इजाजत और कई सख्त नियमों का पालन करना होता है.
5. पर्यावरण की चिंता और सियासी बहस
यूरोप में एसी को लेकर एक बड़ी सियासी और सामाजिक बहस चल रही है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के मुताबिक, 2050 तक सभी ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 10% हिस्सा कूलिंग का होगा. कई लोगों को डर है कि बड़े पैमाने पर एसी का इस्तेमाल जलवायु संकट को और गहरा करेगा.
यूरोप में एसी की पैठ देश-देश में बहुत अलग-अलग है. IEA के मुताबिक:
- इटली में 50% से ज्यादा घरों में एसी है, जो 2013 से लगभग दोगुना हो गया है.
- स्पेन में करीब 40% घरों में एसी है.
- फ्रांस में 28% घरों और सिर्फ 13% अपार्टमेंट में एसी है.
- जर्मनी में सिर्फ 6% घरों में एसी है.
- ब्रिटेन में तो महज 4% घरों में एसी है.
IEA के मुताबिक, पिछले 10 सालों में एसी की संख्या लगभग आधी बढ़ गई है. सालाना बिक्री अब 5 साल पहले के मुकाबले 30% ज्यादा है.
इस साल बिक्री में कितना उछाल आया?
2026 की इस हीटवेव ने एसी की बिक्री को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है:
- कारफोर (फ्रांस की बड़ी रिटेल चेन): 29 जून 2026 की शाम 6:30 बजे तक 30,000 एसी यूनिट बिक चुके थे. यह ‘सामान्य दिन से एक हजार गुना ज्यादा’ है. कारफोर ने बताया कि पिछले हफ्ते एसी, पंखे और कूलर की बिक्री सामान्य से 1,000% बढ़ गई.
- अमेजन: पिछले हफ्ते एसी की बिक्री 2025 की समान अवधि के मुकाबले लगभग दोगुनी हो गई. 19 जून के बाद से बिक्री में तेजी आई.
- JD.com (Joybuy- यूरोपीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म): 19-25 जून के बीच एसी की बिक्री जून के पहले हफ्ते के मुकाबले लगभग 40 गुना बढ़ गई. मीडिया पोर्टास्प्लिट की बिक्री लगभग 42 गुना बढ़ी, फ्लोर फैन की बिक्री 80 गुना से ज्यादा और नेक फैन की बिक्री 120 गुना से ज्यादा बढ़ी.
- मीडिया (चीनी कंपनी): 2026 में यूरोप के लिए डिजाइन किए गए पोर्टेबल स्प्लिट एसी की बिक्री 2 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो 2025 से दोगुनी है. यह मॉडल जर्मनी, फ्रांस और नीदरलैंड और ब्रिटेन में पूरी तरह बिक चुका है. मीडिया के जर्मन ई-कॉमर्स चैनलों के जरिए बिक्री मई में साल-दर-साल 37% बढ़ी, जबकि स्पेन और फ्रांस में 108% की बढ़ोतरी हुई.
- सैमसंग (साउथ कोरिया): पहली छमाही में यूरोप में डबल-डिजिट बिक्री बढ़ोतरी दर्ज की. इसमें इटली, स्पेन और फ्रांस जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘जून से तापमान और बढ़ने की उम्मीद है, हम पीक कूलिंग सीजन के दौरान लगातार मांग की उम्मीद करते हैं.’
- TCL: पश्चिमी यूरोप में एसी की बिक्री Q2 में साल-दर-साल 27% बढ़ी. उत्तरी यूरोप और फ्रांस में बढ़ोतरी 300% रही, जबकि स्पेन में 100% की बढ़ोतरी हुई.
- चीन का निर्यात: 2026 के पहले पांच महीनों में चीन से पश्चिमी यूरोपीय देशों में घरेलू एसी का निर्यात 9.7% बढ़ा. मोबाइल एसी कैटेगरी में बढ़ोतरी 70% से ज्यादा रही. कई चीनी कंपनियों ने बताया कि पश्चिमी यूरोपीय बाजारों में उपभोक्ता एसी खरीदने के लिए कतारों में लगे हैं. ऑफलाइन स्टोर्स में स्टॉक खत्म हो रहा है और डिमांड कहीं ज्यादा है.
- श्याओमी: पेरिस स्टोर में 21-28 जून के हफ्ते में फुट ट्रैफिक 84% और कुल बिक्री 79% बढ़ी.
- अलीबाबा (स्पेन, स्वीडन, बेल्जियम): जून में स्पेन में एसी के ऑर्डर लगभग दोगुने हो गए, जबकि स्वीडन में पंखों के थोक ऑर्डर 378% और बेल्जियम में 114% बढ़ गए.
- स्पीडल (चीनी प्लेटफॉर्म): जून में मोबाइल एसी, आइस मेकर, इलेक्ट्रिक फैन जैसी कूलिंग कैटेगरीज में यूरोपीय बाजार में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई. ब्रिटेन में आइस मेकर की बिक्री 10 गुना बढ़ी, जबकि जर्मनी और फ्रांस में पंखों और कूलिंग गैजेट्स हर हफ्ते तीन गुना ज्यादा बिक रहे हैं. जर्मनी में साल-दर-साल 4.6 गुना और फ्रांस में 3 गुना बढ़ोतरी हुई.
2050 तक यूरोप में कितने एसी होंगे?
IEA के मुताबिक, EU में एसी यूनिट्स की संख्या 2019 से दोगुनी होकर 2050 तक 27.5 करोड़ तक पहुंच सकती है. एक दूसरे IEA अनुमान के मुताबिक, 2030 तक EU में करीब 13 करोड़ एसी यूनिट्स लग जाएंगे और 2050 तक यह संख्या चौगुनी हो सकती है.
एसी को लेकर यूरोप में बहस किस बात की है?
यूरोप में एसी की बहस फ्रांस में सबसे तीखी है. NYMag की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस हीटवेव ने ‘एक भयंकर राजनीतिक बहस’ को हवा दी है:
- दक्षिणपंथी (मरीन ले पेन): बड़े पैमाने पर सब्सिडी के साथ एसी लगाने की वकालत कर रहे हैं. उनका तर्क है कि बुजुर्गों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है.
- वामपंथी या ग्रीन पार्टी: परंपरागत रूप से एसी के खिलाफ हैं, लेकिन अब ग्रीन पार्टी ने भी माना है कि ‘अब कुछ हद तक एयर कंडीशनिंग जरूरी हो गई है.’
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फ्रांस की बहस इस बात पर सिमट गई है कि लोग एसी के ‘पक्ष में’ हैं या ‘विपक्ष में’, जबकि असली सवाल यह है कि इमारतों को गर्म जलवायु के लिए बेहतर कैसे बनाया जाए. वहीं, यूरोपीय संघ ने इस बहस में कूदने से इनकार कर दिया है.
तो क्या एसी ही यूरोपी को ठंडा रख पाएगा?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने चेतावनी दी है, ‘यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप है, जो वैश्विक औसत से दोगुनी रफ्तार से गर्म हो रहा है.’ उन्होंने बताया कि अभी 15 करोड़ लोग यूरोप में भीषण गर्मी में जी रहे हैं और 21 जून के बाद से पूरे यूरोप में 1,300 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. फ्रांस अकेले में कम से कम 1,000 मौतें हुई हैं.
गूगल ट्रेंड्स के आंकड़े बताते हैं कि जून 2026 में ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस में एयर कंडीशनर की सर्च इंटरेस्ट रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई. ब्रिटेन में सर्च इंडेक्स 2022 के 10 से बढ़कर 2026 में 100 हो गया, जर्मनी में 16 से 100 और फ्रांस में 18 से 100 हुआ.





